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कटिहार/जगन्नाथ दास (न्यूज़ सिटी)। तकनीकी छात्र संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ कुमार पटेल ने परीक्षा नियंत्रक समेत रमेश पोखरियाल, मानव संसाधन मंत्री भारत सरकार, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और यूजीसी को पत्र लिखकर छात्र-छात्रओं एवं शिक्षक के सुरक्षा के मद्देनजर एकेयू के तमाम सेमेस्टर परीक्षा में छात्रों को प्रोमोट करने की मांग किया। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय प्रशासन को इसे गंभीरता से लेनी चाहिए। लापरवाही की वजह से छात्रों में कोविड-19 संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है।






https://youtu.be/F19v9oHBDNM




देश के प्रमुख संस्थान IIT और NIT यूजीसी के दिशानिर्देश पर छात्रों को प्रोमोट कर दिया है। इसके अलावा देश के कई राज्यों के तकनीकी विश्वविद्यालय ने भी यूजीसी के दिशानिर्देश पर छात्रों को प्रमोट करने का ऐलान कर दिया है। कई राज्यों में छात्रों के प्रमोट को लेकर विचार चल रही है।









यूजीसी के दिशानिर्देश के अनुसार छात्रों को उनके आंतरिक मूल्यांकन एवं पिछले वर्षों के अंकों के आधार पर प्रमोट किया जाना है। हमने पत्र में सभी कठिनाइयों का बिंदुवार चर्चा किया।





  • एकेयू के अंतर्गत राज्य के सभी तकनीकी कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज एवं अन्य कॉलेज आते है। जिसमे 50 हजार से अधिक छात्र छात्राएं पढ़ाई करते है।




  • वहीं सभी कॉलेज छात्र प्रोमोट को लेकर डिजिटल हस्ताक्षर अभियान चलाया, जिसमे 90% छात्रों परीक्षा प्रमोट को समर्थन जताया।




  • राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र सोनू कुमार, अमन यादव, राहुल कुमार, प्रिया राज, नीतीश कुमार, अमरेंद्र कुमार, अनुराग गुप्ता, परवेज हेयात, संतलाल यादव, राकेश कुमार आदि का कहना है कि लॉक डाउन की वजह से पाठ्यक्रम पूरा नही हुआ है। कॉलेजों द्वारा लॉक डाउन के दौरान पीडीएफ आदि भेजी जा रही थी, जिससे पाठ्यक्रम का पूरा होना संभव नहीं है।




  • वही मेडिकल कॉलेजों के छात्र सर्वोत्तम सिंघानिया, फ़िरोज़ अहमद, अभिषेक रंजन, ऋतिका राज, कृतिका सिंह, साकेत कुमार, आदित्य राज आदि का भी ये कहना है कि परीक्षा के दौरान Covid-19 के संक्रमण फैलने का खतरा बना रहेगा।




  • विश्वविद्यालय उलझाऊ सूचना साझा कर छात्रों को गुमराह कर रही है। हालांकि विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों के छात्र इस मुहिम से जुड़े हैं।


पटना सिटी (न्यूज सिटी)। प्राइवेट स्कूल एवं चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के पटना महानगर अध्यक्ष पंकज किशोर सिंह ने वैश्विक महामारी कोविड-19 में शिक्षकों एवं स्कूल प्रशासन के योगदान की प्रशंसा की है। इस दौरान राज्य व देश भर के शिक्षक दिन-रात एक कर के ऑनलाइन क्लास के लिए स्टडी मैटेरियल तैयार कर नियत समय पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास करा रहे हैं। लॉकडाउन के बाद लगभग बाजार खुल गए हैं और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रही है। पर, विगत 3 महीनों से विद्यालय बंद है औए अब जब ऑफिस खुला है तो स्थितियां असामान्य है।





ऐसी स्थिति में अगर अभिभावक अपने बच्चों के मासिक शुल्क का भुगतान नहीं करेंगे तो स्कूल प्रशासन विकट स्थिति में आ जाएगी। जिससे वे अपने शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों का वेतन नहीं दे पाएंगे। अभी लगभग सभी मध्यमवर्गीय विद्यालयों की स्थिति दयनीय हैं। विद्यालय परिसर का किराया एवं गाड़ियों के क़िस्त, बिजली बिल एवं अन्य खर्च करने में अक्षम हो गई है। इसलिए एसोसिएशन सभी अभिभावकों से अनुरोध करते हुए कहा कि आप अपने बच्चों की स्कूल मासिक शुल्क का भुगतान सुविधानुसार करें एवं स्कूलों का तालाबंदी से बचाएं। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामल अहमद ने भी विद्यालय के लिए अपनी बात सरकारी महकमा तक पहुंचाई है। साथ ही बताया कि राज्य के लगभग 20,000 विद्यालय ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से बच्चों को पढ़ा रहे हैं।



पटना (न्यूज सिटी)। इस समय पूरा विश्व कोरोना संकट से जूझ रहा है। इस महामारी से निबटने में हमारे कर्मवीर डॉक्टर, नर्स, पुलिस, सैनिक एवं सफाई कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर निरंतर सेवा में लगे हुए हैं। इन योद्धाओं के प्रति अपना आदर और सम्मान प्रदर्शित करने के क्रम में केन्द्रीय विद्यालय, खगौल द्वारा अपने विद्यार्थियों के लिए एक आनलाईन चित्रकला प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसका विषय है –“ कोरोना से जंग, परिवार के संग”। इस प्रतियोगिता में माध्यमिक खंड के साथ साथ प्राथमिक खंड के बच्चे भी भाग लिया। प्रतियोगिता दो समूहों में आयोजित की जा गयी थी समूह “अ” में कक्षा तीसरी से छठी के बच्चे एवं समूह “ब” में कक्षा सातवीं से बारहवीं तक के बच्चे।









लॉकडाउन की बोरियत वाली इस अवधि में इस प्रकार की प्रतियोगिता आयोजित कर कला शिक्षक जितेन्द्र कुमार ने बच्चों में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया है। बच्चों का उमंग और उत्साह देखते ही बनता है। उनकी कल्पना शक्ति एवं सृजनात्मक क्षमता उनकी कलाकृतियों में परिलक्षित हो रही है। सीनियर विजेता प्रतिभागियों में प्रथम अंकित कुमार कक्षा नवमी दूसरे स्थान पर शिवानी कुमारी कक्षा नवमीं और तीसरा स्थान पर सृष्टि श्रेष्ठ कक्षा सातवीं ब तथा जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान वैष्णवी विजय कक्षा छ: ब दूसरे स्थान पर सृष्टि कक्षा छः ब और तीसरे स्थान पर वैभवी रानी कक्षा तीन ब सभी प्रतिभागियों एवं इससे जुड़े साथियों को बहुत बहुत बधाई और शुभकामना दिया। उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना के साथ प्राचार्य आर एल महतो केंद्रीय विद्यालय खगौल ने ऑनलाइन उद्घाटन किये और उन्होंने प्रदर्शनी विशिष्ट और अनूठी प्रस्तुति बताया और बच्चों के लिए कहा जीवन में कला का एक अपना महत्व है। यह बच्चों के सौन्दर्य बोध एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को एक नई दिशा प्रदान करती है। सीबीएसई भी अब कौशल विकास के तहत कला आधारित अधिगम पर विशेष बल देने की बात करती है। इस परिप्रेक्ष्य में विद्यालय द्वारा आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता सह प्रदर्शनी एक सराहनीय एवं सार्थक प्रयास है। मैं इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान देने वाले सभी शिक्षकों, शिक्षिकाओं एवं छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ।



पटना (न्यूज़ सिटी)। बिहार बोर्ड के मैट्रिक का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट का ऑनलाइन प्रकाशन बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा और बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर ने की है। जो विद्यार्थी 10 वीं बोर्ड का परीक्षा 2020 में दिए है वो बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने biharboardonline.bihar.gov.in लिंक पर जाकर रिजल्ट देख सकेंगे।









बता दें कि बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा का आयोजन 17 फरवरी से 24 फरवरी 2020 तक आयोजित की गई थी। जिसमें 14,94,071 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। जिसमें 729213 छात्र और 764858 छात्राएं शामिल हुए थे। 1368 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा ली गई थी। रोहतास जिला का हिमांशु राज 481 अंक से बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया हैं।





परीक्षार्थी मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट बिहार बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट http://biharboardonline.com और http://onlinebseb.in पर देख सकेंगे।





देखे बिहार बोर्ड के टॉपरों की लिस्ट ::--















पटना (न्यूज सिटी)। बिहार बोर्ड के मैट्रिक परीक्षार्थियों के लिए बड़ी खबर आ रही हैं। जहां बिहार के लाखों परीक्षार्थियों का मैट्रिक रिजल्ट मंगलवार यानी कल दोपहर 12:30 बजे जारी होगा। इसकी जानकारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने दी हैं। उन्होंने बताया कि मैट्रिक परीक्षाफल जारी करने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। साथ ही बताया कि मैट्रिक रिजल्ट का ऑनलाइन प्रकाशन शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर• के• महाजन द्वारा की जाएगी।









बता दे कि वर्ष 2020 में बिहार बोर्ड में 15.29 लाख उम्मीदवार उपस्थित हुए है। अभ्यर्थी मैट्रिक का परिणाम http://biharboardonline.bihar.gov.in या http://biharboard.ac.in चेक कर सकते है। वही अभ्यर्थी परीक्षाफल समिति के वेबसाइट http://onlinebseb.in एवं http://biharboardonline.com पर देखा जा सकता है।





वेबसाइट की सूची जहां परिणाम देख सकते है।
http://Biharboardonline.bihar.gov.in



पटना (न्यूज़ सिटी)। बिहार में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर•के• महाजन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार बिहार में निजी स्कूल प्रशासन मनमाने तरीके से प्रतिवर्ष फीस बढ़ोतरी कर रहे हैं। जिसको लेकर आज अपर मुख्य सचिव ने वैसे स्कूलों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है।






https://youtu.be/ltzE34WK32E




मिली जानकारी के अनुसार कोई भी निजी स्कूल प्रतिवर्ष 07 फीसदी से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। उसी को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती से कार्रवाई करते हुए निजी स्कूलों द्वारा नियम का उल्लंघन करने के मामले में उन्हें अब आर्थिक दंड का भरपाई करना होगा।









निजी स्कूलों को नियम का उल्लंघन करने पर पहली बार ₹1 लाख की राशि का जुर्माना भरना होगा वहीं इसके बावजूद भी निजी स्कूल नहीं चलेंगे तो उन्हें शिक्षा विभाग दूसरी बार जुर्माने के तौर पर ₹2 लाख की राशि भरना होगा।



पटना (न्यूज सिटी)। बिहार बोर्ड के मैट्रिक परीक्षार्थियों के लिए बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट महज 48 घंटे के अंदर जारी किया जा सकता है। बिहार बोर्ड आज टॉपर्स की कॉपियां का दोबारा जांच चल रहा है। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उनका इंटरव्यू और वेरिफिकेशन कर बोर्ड द्वारा सभी मानक प्रक्रियाओं को पूरी की जाएगी। हालांकि इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बिहार बोर्ड मैट्रिक का परीक्षा फल मंगलवार या बुधवार को किसी भी समय जारी कर सकता है।






https://youtu.be/xZoplB1Puqg




बता दे कि सत्र 2019-20 में आयोजित हुई मैट्रिक परीक्षा का आयोजन 17 फरवरी से 24 फरवरी तक संचालित हुई थी। वही इस परीक्षा में लगभग 15 लाख 29 हज़ार 393 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वही मैट्रिक की कॉपी जांच का सिलसिला बोर्ड की ओर से जारी हुआ था कि इसी दौरान कोरोना काल का समय शुरू हो गया और कॉपी जांच पर ग्रहण लग गया था। जबकि इंटरमीडिएट का बिहार बोर्ड द्वारा समय पर जारी कर दी गयी थी।









रिजल्ट बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। बीएसईबी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2020 के परिणाम ऑनलाइन जारी किए जाएंगे और छात्र अपना रोल नंबर दर्ज करके इसे चेक कर सकते हैं। Biharboardonline.bihar.gov.in, Bsebresult.online और Biharboard.online पर रिजल्ट देखा जा सकता है।



पटना (न्यूज सिटी)। बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ निखिल आनंद ने कहा कि कोरोना के संकट में पीएम मोदी का साहसिक नेतृत्व अत्यंत ही प्रभावकारी हैं, जिसकी दुनिया प्रशंसा कर रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के रोडमैप को ऐतिहासिक बताते हुए निखिल आनंद ने कहा कि भारत मे प्रौधौगिकी आधारित शिक्षण और वृहत्तर शैक्षणिक सुधार प्रक्रिया को रोडमैप ने शामिल करना प्रशंसनीय हैं। कोरोना के चुनौती के बाद शिक्षा सुधारों अहमियत को महसूस कर जल्द ही इसे कार्यरूप में लाने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री एवं मानव संसाधन मंत्री को आभार प्रकट किया। शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों को 30 मई 2020 तक स्वचालित रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। जो कोरोना संकट के लिए ऐतिहासिक निर्णय होगा।









डॉ निखिल आनंद ने कहा कि केंद्र सरकार ने शिक्षा सुधारों की घोषणा की है, जो कोविड-19 के बाद कि दुनिया के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था का निर्णय करेगा। इनमें से एक सुधार डिजिटल व ऑनलाइन शिक्षा के लिए मल्टी मोड एक्ससेस के लिए पीएम eVIDYA-A प्रोग्राम का तत्काल लांच है। इस कार्यक्रम में सभी ग्रेड (एक राष्ट्र, एक डिजिटल प्लेटफार्म), 01 से 12 तक प्रति वर्ग टीवी चैनल, रेडियो, सामुदायिक रेडियो और पॉडकास्ट के वयापक उपयोग के लिए ई-सामग्री और क्यू आर कोडित पाठ्य पुस्तकें शामिल है। इसमें दृष्टिहीन और श्रवण बाधित लोगो के लिए विशेष ई-सामग्री भी हैं। आर्थिक रोडमैप में देशभर के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की जरूरत का ख्याल रखते हुए शैक्षणिक सुधार को महत्व देने के लिए केन्द्र सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हैं। 



पटना (न्यूज़ सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने केंद्र एवं राज्य सरकार से यह मांग किया है कि बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि दिया जाए। पप्पू वर्मा ने बयान जारी कर कहा कि विश्वव्यापी वैश्विक महामारी में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले वर्गों में पढ़े लिखे बेरोजगार वर्ग है, क्योंकि इस महामारी के समय सबसे ज्यादा आर्थिक समस्या का सामना बेरोजगार वर्ग को ही करना पड़ रहा है।









इनकी बेरोजगारी के कारण ऐसे लोगों का बुरा हाल है जो पूर्ण रूप से घरेलू ट्यूशन प्राइवेट स्कूलों,कोचिंग क्लासेस एवं अन्य कार्य करते हुए अपने घर परिवार का खर्च चला रहे थे एवं सरकारी नौकरियों की तैयारी के साथ पढ़ाई का खर्चा भी इन सभी कार्यों के माध्यम से सम्मानजनक रूप से इनका चल रहा था। लॉक डाउन व महामारी के कारण उनका सभी प्रकार का गतिविधि बिल्कुल ठप पड़ गया। जिसके कारण कई प्रकार की विकट समस्या उनके सामने परिस्थिति बस आ गया है। इन सभी समस्या के कारण मानसिक प्रताड़ना के साथ-साथ घरेलू समस्या भी उनके सामने उत्पन्न हो गया है।






https://youtu.be/TR8T79K2mD4




इसलिए ऐसे सभी बेरोजगार वर्गों को केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर बेरोजगारों का सूची बनाकर प्रोत्साहन राशि के रूप में उनको आर्थिक सहयोग प्रदान करे। क्योंकि महामारी समय में मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित इन बेरोजगारों का समस्या का समाधान का रास्ता निकल सके।



पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने बयान जारी कर कहा कि पटना विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर में नामांकन फॉर्म अप्लाई में आ रही बाधाओं को दूर कर लिया जाएगा। छात्रों के समस्या को देखते हुए पटना विश्वविद्यालय के सिंडीकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने दूरभाष के माध्यम से पटना विश्वविद्यालय के कुलपति समेत अन्य पदाधिकारियों से सकारात्मक वार्ता किया। वार्ता के बाद श्री वर्मा ने कहा कि वैश्विक महामारी में लॉक डाउन के कारण कई प्रकार के समस्या विश्वविद्यालय के सामने आ रही है, जो आज हमने विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारियों से वार्ता कर उनसे यह आग्रह करते हुए छात्रों की परेशानी को अवगत कराया और उनकी समस्या को जल्द से जल्द निपटारा किया जाए।









साथ ही प्रैक्टिकल में एवरेज मार्किंग के आधार पर छात्रों को मौका दिया जाए एवं अन्य विषयों की विद्यार्थियों को भी जिनका एक दो विषयों की परीक्षाएं लॉक डाउन के वजह से आयोजित नहीं हो सकी है, ऐसे सभी विद्यार्थियों को भी मौका दिया जाए। इस आग्रह पर विश्वविद्यालय की ओर से आश्वासन दिया गया कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। अभी छात्रों के पास पर्याप्त समय है, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। विश्वविद्यालय भी उनकी समस्या से अवगत है। जल्द ही विश्वविद्यालय द्वारा एकेडमिक कॉउंसिल की बैठक आयोजित कर इन सभी विषयों पर निर्णय ले लिया जाएगा।






https://youtu.be/qfLuFwQ2YuQ




वही मगध विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय एवं अधिकांश विश्वविद्यालयों में सेशन लेट एवं अन्य प्रकार के आ रही छात्रों की समस्या को देखते हुए पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने महामहिम कुलाधिपति महोदय एवं राज्य सरकार को पत्र के माध्यम से उनसे आग्रह किया है कि छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाए ताकि छात्रों का सेशन भी लेट ना हो एवं विश्वविद्यालय के गलतियों व महामारी का खामियाजा छात्रों को भुगतना ना पड़े। इसलिए मानवीय आधार पर छात्रों की समस्या को गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का निपटारा छात्र हित में किया जाए। इस महामारी को देखते हुए सभी कक्षाएं ऑनलाइन शुरू हो व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए विश्वविद्यालय के कार्यालय एवं कार्यों को शुरू किया जाए ताकि जल्द से जल्द इन सभी प्रकार के समस्याओं पर काम शुरू हो सके।



पटना सिटी (न्यूज सिटी)। देशव्यापी लॉक डाउन में राज्य सरकार और पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि के आदेश के विपरीत जाकर पटना सिटी के प्राइवेट स्कूलों द्वारा छात्रों और उनके अभिभावकों को अनावश्यक रूप से फीस जमा कराने को लेकर दबाव बना रहे है। वही इसको लेकर कई अभिभावकों में आक्रोश देखा गया। अभिभावकों का कहना है कि इस लॉक डॉउन के अवधि में हम लोगों को परिवार चलाना तक मुश्किल हो रहा है तो ऐसे में हम स्कूल की फीस कैसे जमा कर पाएंगे।









इसको देखते हुए राज्य सरकार और पटना के डीएम ने आदेश जारी कर सभी स्कूलों को कहा था कि स्कूल की फीस को लेकर किसी अभिभावकों पर दबाव ना बना सकेंगे। फिर भी इसके बावजूद स्कूल प्रशासन फीस जमा करने को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं।






https://youtu.be/MPUTT43jYbw




इस संदर्भ में आज ऑल इंडिया स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन के तत्वाधान में एक प्रतिनिधि मंडल पटना सिटी एसडीओ राजेश रौशन को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमे पटना सिटी के स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूल फीस जमा कराने को लेकर अभिभावकों पर बनाए जा रहे दबाव पर रोक लगाने के प्रति ध्यान आकृष्ट कराया। साथ ही मौके पर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश संजय कुमार और अरुण चंद्रवंशी ने एसडीओ से आग्रह करते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।



पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति महोदय को जब राज्यपाल सचिवालय बिहार द्वारा निर्देशित दिनांक 06 मार्च, 2020 को पत्र के माध्यम से सख्त निर्देश दिया गया था कि किसी भी प्रकार का प्रोन्नति, नियुक्ति अथवा स्थानांतरण इत्यादि पर कोई कार्रवाई या निर्णय नहीं लिया जाए। इसके बावजूद कैसे पटना विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा दिनाक 6 मार्च, 2020 से लेकर दिनांक 22 अप्रैल, 2020 तक विश्वविद्यालय के तमाम प्रकार की प्रोन्नति, हस्तांतरण एवं सेवा संपुष्टि सहित अन्य विषयों पर बेधड़क निर्णय लेते हुए अधिसूचना जारी किया गया। ज्ञात हो कि कुलपति ने पुनः ज्ञापक संख्या 2698/R दिनांक 22 अप्रैल, 2020 को कुलसचिव पटना विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना में दिनांक 06 मार्च, 2020 से 24 अप्रैल, 2020 तक के लिए गए सभी प्रकार के निर्णय को निरस्त कर दिया गया।






https://youtu.be/KVo7N3gROo8




श्री वर्मा ने कहा है कि पटना विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय सर्वप्रथम राज्यपाल सचिवालय द्वारा दिए गए निर्देशों का अवहेलना कर निर्णय लिए थे और बाद में उन सारे निर्णय को रद्द करना ही तथ्यों को प्रमाणित करता है कि उन्होंने इस अवधि के दौरान अपने पद के मर्यादा को ताक पर रखकर उन्होंने व्यापक पैमाने पर किए गए नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा संपुष्टि, संबंधित मामले पर उठ रहे सवालों एवं आने वाले दिनों में इन फैसलों पर निश्चित ही होने वाले जांच से घबरा कर अचानक दिनांक 22 अप्रैल, 2020 को उन्होंने सारे अपने द्वारा किए गए फैसलों को रद्द कर दिया। इस घटना से पटना विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठा धूमिल होने के साथ-साथ लाभान्वित शिक्षकों एवं कर्मचारियों में हताशा, निराशा एवं आक्रोश का वातावरण व्याप्त है।









चर्चा के मुताबिक पटना विश्वविद्यालय के द्वारा जारी अधिसूचना से यह प्रमाणित होता है कि अधिसूचना में कहीं भी राजभवन के लिखित या मौखिक आदेश का जिक्र नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह चर्चा आम है कि कुलपति को अगर सारे निर्णय पर फैसला लेना ही था क्यों नहीं राजभवन से पूर्वाअनुमति लेकर की गई थी अगर पूर्वा अनुमति ली गई होती तो आज इन फैसलों को रद्द करने की जरूरत महसूस नहीं होती पप्पू वर्मा ने राज्यपाल महोदय से मांग करते हुए कहा कि दिनांक 6 मार्च 2020 से लेकर दिनांक 22 अप्रैल, 2020 तक हुए तमाम नोटिफिकेशन की जांच एक कमेटी बनाकर करने का निर्देश महामहिम राज्यपाल महोदय द्वारा दी जानी चाहिए। ताकि कुलपति द्वारा लिए गए गलत निर्णय या व्यक्तिगत लाभ संबंधित मामले का भंडाफोड़ हो सके। साथ ही साथ इनके पूरे कार्यकाल के विशेषकर विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह केंद्रीय पुस्तकालय, शताब्दी समारोह एवं पटना विश्वविद्यालय के तमाम परिसर एवं कॉलेजों में हुए बेतहाशा निर्माण एवं वित्तीय खर्च का ऑडिट रिपोर्ट कर निगरानी से जांच करने की मांग करते हैं। ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके।इन सभी कारनामों का कुलपति पटना विश्वविद्यालय को इसका जवाब देना होगा।






https://youtu.be/T7Mo9uhksK0


पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि जिन विश्वविद्यालय का कुलपतियों का कार्यकाल 02 मई, 2020को समाप्त हो रहा है, वैसे सभी कुलपति 6 मार्च से किसी भी प्रकार का नीतिगत फैसला प्रमोशन, नियुक्ति, डेली रूटीन वर्क महामहिम राज्यपाल के दिशा निर्देश के अनुसार नहीं ले सकते हैं। लेकिन कुछ विश्वविद्यालय के कुलपतियों द्वारा नियम कानून को ताक पर रखकर लगातार कुछ कर्मचारियों का मनमाफिक प्रमोशन, शिक्षकों का प्रमोशन, कर्मचारियों के मन के मुताबिक ट्रांसफर, नियुक्ति ऐसे अनेक अनैतिक कार्यों को इन कुलपतियों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। सभी तरह के मीटिंग को बैक डेट में दिखाकर इस तरह के अनैतिक कार्य धड़ल्ले से जारी है। इन कुलपतियों ने अपने पद की गरिमा को ताख पर रखकर अनैतिक कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। जो सरासर महामहिम कुलाधिपति महोदय का खुल्लम खुल्ला दिशा निर्देशों का मजाक है।






https://youtu.be/pq2AubQ202I




साथ ही श्री वर्मा ने कहा कि इन विश्वविद्यालयों में लगातार भ्रष्टाचार करते हुए अपने चहेते शिक्षकों का प्रमोशन, अपने चमचों का कर्मचारियों में नियुक्ति एवं उनका प्रमोशन उनके द्वारा धड़ल्ले से किया जा रहा है। जो इनके पद के अनुकूल नहीं है। मैं महामहिम राज्यपाल महोदय से अभिलंब इन कुलपतियों द्वारा किए गए अनैतिक एवं काले कार्यों को रोकते हुए एवं एवं इनके द्वारा दिए गए निर्देशों को रद्द करते हुए इन कुलपतियों पर उच्चस्तरीय जांच बैठा कर इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें ताकि डूब चुके बिहार के शिक्षा व्यवस्था को ऐसे शिक्षाविदों से बचाया जा सके।






https://youtu.be/LDT2pFB6ExE


पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा है कि वैश्विक महामारी के समय मुख्यालय छोड़कर फरार होने वाले कुलपतियों पर कड़ी कार्रवाई करें। महामहिम राज्यपाल व राज्य सरकार ऐसे समय में जब पूरा देश संकट के दौर से गुजर रहा है तो वर्तमान समय में लोगों की सहायता के लिए सभी सरकारी कर्मी प्रयासरत हैं। ऐसे समय में कई विश्वविद्यालय के कुलपतियों का मुख्यालय छोड़ना बेहद निंदा और गैर जिम्मेदाराना हरकत है। अभी छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था शुरू करनी थी ताकि उनका सेशन भी लेट ना हो और पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा ना आए।






https://www.youtube.com/watch?v=etJG_pwbG9E&t=34s




ऐसे समय में कुलपति महोदय को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए विश्वविद्यालय को पेपरलेस तरीके से चलाने की आवश्यकता है। ऐसे समय में अपने जिम्मेदारियों से वह लोग भाग रहे हैं। वैसे सभी कुलपतियों को जो मुख्यालय छोड़कर ऐसे समय में फरार हुए हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई का आदेश जारी हो उनका वेतन इत्यादि में बड़ा लेवल पर कटौती हो उनके क्रियाकलापों का जांच कर उनके द्वारा दिए गए सभी तरह के आदेश को निरस्त किया जाए। उन्हें अविलंब कुलपति पद से हटाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही किया जाए।






https://youtu.be/jQbD8o99CU0


पटना (न्यूज सिटी)। लॉक डाउन में शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा लॉक डाउन के दौरान किसी भी छात्र या उनके अभिभावकों को किसी भी तरह का कोई फीस नही चुकाना होगा। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ रंजीत कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी स्कूल मासिक शुल्क और ट्रांसपोर्टेशन शुल्क की मांग नही करेगा। हालांकि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि फीस केवल ऑनलाइन क्लास देने वाले स्कूल ही ले सकेंगे।






https://youtu.be/Ccj5FKlZtfU




वही शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक कोई भी स्कूल मार्च और अप्रैल माह का फीस और ट्रांसपोर्टेशन फीस किसी भी छात्रों या उनके अभिभावकों से नही लेंगे। अगर ऐसा शिकायत किसी भी स्कूल का मिलेगा तो उनके खिलाफ कड़ी करवाई की जाएगी।






https://youtu.be/PFg6rTlSgfA


पटना (न्यूज सिटी)। वैश्विक महामारी कोरोना के चैन तोड़ने के लिए संपूर्ण देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 21 दिनों का देशव्यापी लॉक डॉउन लागू है। जिन कारणों से लोग अपने घरों में बंद हैं और सारा कामकाज बाजार-दुकान ठप पड़ा है। आमदनी का सारा स्रोत बंद है, जिन कारणों से निम्न और मध्यम वर्ग के लोगो मे कुछ राशन सामग्री जुटाने और स्कूल फीस जमा करने को लेकर बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच बिहार वासियों ने अपनी समस्या को सोशल साइट्स के माध्यम से राज्य सरकार से एक बड़ी मांग लगातार करते आ रहे हैं की स्कूल प्रबंधन द्वारा लॉक डाउन में बच्चो के स्कूल फीस माफ करवा दीजिये।






https://youtu.be/D_q_lpVnpgU




वहीं इस संदर्भ में बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने स्कूल फीस की माफी को लेकर प्राइवेट स्कूलों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि बिहार शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन के साथ एक बैठक करेगी, जिसमें बच्चों के स्कूल फीस माफ करने की अपील की जाएगी। फिलहाल इस लॉक डाउन की अवधि में स्कूल प्रबंधन से छात्रों के स्कूल फीस माफ करने की बातचीत चल रही है।






https://youtu.be/zv9lbVz9EyI




गौरतलब है कि आज पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने पटना के स्कूल प्रबंधन के संदर्भ में एक आदेश जारी कर 7 अहम दिशानिर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक किसी भी परिस्थिति में स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को स्कूल फीस एक क़िस्त में जमा करने का दबाव नहीं बनाएंगे। फिलहाल एक महीने की फीस देने के लिए ही अभिभावक से अनुरोध किया जाए। ट्यूशन फीस के अलावा अन्य किसी भी प्रकार के चार्ज क़िस्त के रूप में नही वसूल करना सुनिश्चित किया जाए। छात्रों के लिए स्टडी मटेरियल और पीपीटी उनके अभिभावक के ईमेल, व्हाट्सएप या फिर स्कूल की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाए।






https://www.youtube.com/watch?v=FTzAkBO0tdM


पटना (न्यूज सिटी)। कोरोना वायरस के कारण लागू देशव्यापी लॉक डाउन में पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने पटना वासियों के लिए एक राहत भरी आदेश जारी किए है।





पटना डीएम ने निजी व प्राइवेट स्कूल प्रबंधन के लिए एक आदेश जारी करते हुए कहा कि कोई भी स्कूल किसी भी परिस्थिति में किसी भी अभिभावकों को 3 महीने का फीस एक क़िस्त में जमा करने के लिए बाध्य नही कर सकते है। अभी मात्र एक महीने का ट्यूशन फीस जमा करने के लिए अभिभावकों को अनुरोध करें। इसके अलावे अन्य प्रकार के शुल्क बाद में क़िस्त के रूप में वसूल किए जा सकते है।






https://youtu.be/D_q_lpVnpgU




वही डीएम ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश भी दिया है कि अगर कोई अभिभावक वर्तमान समय मे ट्यूशन फीस जमा करने में असमर्थ है तो उनपर किसी प्रकार का कोई दबाव नही बनाया जाए तथा छात्र का नामांकन रद्द भी नही करे। वही छात्रों के हित मे स्टडी मैटेरियल वीडियो या पीपीटी के रूप में अभिभावकों व छात्रों के व्हाट्सएप, ईमेल या फिर स्कूल के वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए। साथ ही डीएम ने कहा कि किताब का होम टू होम डिलीवरी कराने की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन द्वारा की जाए। इसके लिए आवश्यक वाहन पास हेतु संबंधित अनुमण्डलधिकारी से संपर्क स्थापित कर सकते है।





वही जिलाधिकारी कुमार रवि ने कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा इस अवधि में कार्यरत कर्मचारियों का नियमित वेतन भुगतान ऑनलाइन करने का व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।






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पटना (न्यूज़ सिटी)। कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव के लिए देशभर में लॉक डाउन लागू है, तो वही इन कारणों से देश के सभी विश्वविद्यालय बंद है। जिससे छात्रों के पाठ्यक्रम पूरा होने में संकट उत्पन्न हो रही है। ऐसा ही समस्या बिहार के सभी विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ हो रही है। वही इस समस्या से निपटने के लिए पटना विश्वविद्यालय ने पूरी तैयारी कर ली है।






https://youtu.be/G7z9pm3Mc7M




वही इस संबंध में पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि छात्रों की समस्या देखते हुए एवं विश्वविद्यालय खोलने के बाद छात्रों को किसी प्रकार की समस्या ना हो। इसके लिए हमने पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रास बिहारी सिंह से दूरभाष के माध्यम से बातचीत की है। जिस दौरान उन्होंने कुलपति रास बिहारी सिंह से छात्रों के समस्याओं एवं विश्वविद्यालय के आगामी योजनाओं को गंभीरता पूर्वक वार्ता कर अवगत कराया। साथ ही श्री वर्मा ने कहा कि छात्रों को अपने पाठ्यक्रम एवं पढ़ाई में कोई बाधाएं नहीं आए। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था शिक्षकों के माध्यम से किया है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 120 शिक्षकों का पैनल तैयार किया गया है, जो छात्रों को विभिन्न विषयों में परंपरागत तरीके से ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक शिक्षक को अपने-अपने विषयों में 5 टॉपिक तैयार करने को कहा गया है ताकि छात्रों के पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई करने में मदद मिल सके।






https://youtu.be/zv9lbVz9EyI


पटना (न्यूज सिटी)। लॉक डाउन खत्म होने के तुरंत बाद ही पटना विश्वविद्यालय में विभिन्न योजनाओं को गति मिलने वाली है। यह जानकारी पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में आगामी योजनाओं में गतिमान बनाए रखने के सिलसिले में कुलपति डॉ रासबिहारी सिंह से दूरभाष पर बातचीत हुई है। उन्होंने ने इस संबंध बातचीत करने दौरान बताया कि विश्वविद्यालय के विकास के लिए विभिन्न माध्यमों से पैसे आए हैं, उनका उपयोग लॉक डाउन खत्म होने के बाद और विश्वविद्यालय खुलते ही उपयोग में लाया जाएगा।






https://youtu.be/itv117une7Q




साथ ही श्री वर्मा ने बताया कि पटना विश्वविद्यालय में 7 करोड़ रुपए की लागत से परीक्षा हॉल बनाए जाएंगे।जबकि 10 करोड़ की लागत से हेरिटेज बिल्डिंग, 20 करोड़ रुपए नैक टीम और 10 करोड़ रुपय राज्य सरकार द्वारा दी गई है। आगे और राशि मिलने की संभावना जताई है।






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बिहटा (न्यूज सिटी)। कोरोना महामारी के कारण पूरा भारत 14 अप्रैल तक लॉक डाउन है। सभी लोगों को अनेकों तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चे भी इससे अछूते नहीं है। अप्रैल में स्कूलों में नया एकेडमिक सेशन स्टार्ट होता है पर कोरोना महामारी के कारण इस साल उनका नया सेशन शुरू नहीं हो सका। विक्रम प्रखंड में अख्तियारपुर में स्थापित द ब्लू बेल्स इंटरनेशनल स्कूल में एक नई शुरुआत की है।स्कूल अपने वेबसाइट और सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म को यूज करते हुए बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा मुहैया करा रहा है। घर बैठे बच्चे अपने शिक्षकों से अपने मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ रहे हैं और उनसे सवाल कर रहे हैं। यह एक नया प्रयोग है जो कि बच्चों के लिए काफी मनोरंजक और ज्ञानकारी सिद्ध हो रहा है।





ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ते छात्रा




द ब्लू बेल्स इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर लवकुश शर्मा ने बताया कि हम सभी नए सेशन की तैयारी में लगे हुए थे तभी अचानक कोरोनावायरस कारण सारे स्कूलों को बंद करने का आर्डर आया जो कि सही भी है।बच्चों का पढ़ाई प्रभावित न हो इस उद्देश्य से हम लोगों ने अपने टीचर्स को ट्रेंड करके उनसे ऑनलाइन क्लास स्टार्ट कराया। अब हमारे स्कूल के बच्चे अनेक तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुचारू रूप से पढ़ रहे हैं।या क्लास उनके लिए अपने आप में एक नया अनुभव होता है। उन्हें अलग-अलग तरह के वर्कशीट, प्रोजेक्ट और एक्टिविटी वर्क भी दिया जा रहा है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि क्लासेस स्टार्ट होने से बच्चों का समय अब जाया नहीं हो रहा है। वे घर में रह के पढ़ाई कर रहे हैं अतः लॉक डाउन की सार्थकता भी आसानी से सफल होती दिख रही है जो कि बहुत ही अच्छी बात है।






https://youtu.be/l6oOtFJn-1U