Articles by "नौकरियां"
Showing posts with label नौकरियां. Show all posts

पटना (न्यूज सिटी)। कोविड-19 के प्रकोप को लेकर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रवासी और अप्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराए जाने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद मजदूरों को रोजगार नही मिल पा रहा है।






https://youtu.be/b7c_5kVROSA




ताज़ा मामला राजधानी पटना से सटे संपतचक प्रखंड की है, जहां बीते 2 महीने से अब तक मनरेगा के तहत मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिसको लेकर नाराज मजदूरों ने आज संपतचक प्रखंड कार्यालय पहुंचकर पंचायत समिति की चल रही बैठक में जमकर हंगामा मचाया। मौके पर आक्रोशित मजदूरों ने प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए तत्काल रोजगार उपलब्ध कराए जाने की मांग की। बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड प्रमुख ने आक्रोशित मजदूरों को समझा बुझाकर शांत करवाया।









मामले में प्रखंड के उपप्रमुख रंजीत कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देश के बावजूद भी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा आदेशों की अनदेखी की जा रही है, जिससे मजदूरों को अब तक रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। साथ ही पूरे मामले को पटना डीएम को अवगत कराने की भी बात कहा। जबकिं मामले में संपतचक प्रखंड विकास पदाधिकारी उषा कुमारी ने मजदूरों को जल्द ही मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। हालांकि इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी ने माना कि इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को उपस्थित होना चाहिए था।





मौके पर पंचायत समिति के सदस्य अनीता सिंह, मिंटू देवी, रूबी कुमारी, सीमा देवी, कछुआड़ा पंचायत के मुखिया विजय राम, नीतू कुमारी, प्रकाश ठाकुर, नरेश कुमार, डोमन पासवान गीता देवी, किशोरी मोची आदि सदस्य उपस्थित थे।



बिक्रम/नीरज कुमार (न्यूज सिटी)। स्थानीय प्रखंड मनरेगा कार्यालय पर मजदूरों को काम नहीं मिलने पर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। बताते चलें कि बिक्रम प्रखंड के पतुत पंचायत के रोजगार सेवक ने मजदूरों को कार्यस्थल पर बुलाया। इसके बाद बिना काम दिए ही सभी मजदूरों वापस घर जाने को कहा।






https://youtu.be/eA8wGXeluOk




जिसके बाद मजदूरों को काम नहीं मिलने पर आक्रोशित हो गए तथा खंती, कुदाल, बेलचा, झावा, टोकरी लेकर सरकार, पंचायत प्रतिनिधि एवं मनरेगा पदाधिकारी के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए प्रखण्ड मनरेगा कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। मजदूरों ने बताया कि रोजगार सेवक हमलोगों को पिछले एक माह से काम नही दे रहे हैं। लॉक डाउन के कारण घर में खाने पीने की समस्या हो रही है। रोजगार सेवक कभी नाला उड़ाही के नाम पर तो कभी नहर उड़ाही के नाम पर स्थल पर बुलाकर काम नही दे रहे है।





प्रखंड मनरेगा पदाधिकारी आलोक कुमार




काम की मांग को लेकर पिछले एक माह से प्रखण्ड मुख्यालय का चक्कर काट रहे है। वहीं प्रखंड मनरेगा पदाधिकारी आलोक कुमार ने मजदूरों के साथ वार्ता कर पूरी जानकारी ली। साथ ही कल से ही काम देने का भरोसा दिया।







पटना (न्यूज सिटी)। बिहार में 89 बैच के तीन सीनियर आईएएस अधिकारियों को अपर मुख्य सचिव के पद पर प्रोन्नति मिली हैं। प्रोन्नति पाने वाले अधिकारियों में अमृत लाल मीणा, डॉ दीपक और वंदना किनी है। वही वर्तमान में अमृत लाल मीणा पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव है और इन्हें अपर मुख्य सचिव में प्रोन्नति पाकर भी वही तैनात रहेंगे। बता दे कि अमृत लाल मीणा पंचायती राज विभाग और लघु संसाधन विभाग के भी अतिरिक्त प्रभार में है। इन्हें शीर्ष सतर के वेतनमान स्तर-17 यानी 2,25,000 का वेतनमान दिया गया हैं।









वहीं डॉ दीपक प्रसाद मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रधान सचिव के रुप में तैनात हैं जिन्हें अपर मुख्य सचिव के वेतनमान में प्रोन्नति दी गयी है।भागलपुर प्रमंडल की आयुक्त वंदना किनी को भी शीर्ष स्तर के वेतनमान में प्रोन्नति दी गयी है। साथ ही उन्हें मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त का भी अतिरिक्त प्रभार है। बता दे कि उपरोक्त दोनों अधिकारियों को भी शीर्ष वेतनमान में प्रोन्नति दी गयी है। 



पटना (न्यूज सिटी)। एक तरफ बिहार समेत संपूर्ण भारत कोरोना महामारी की मार झेल रहा है तो वही दूसरी ओर बिहार सरकार आगामी विधानसभा की चुनाव की तैयारियां में जुट चुकी है। इसी का परिणाम हैं कि बिहार में बिहार प्रशासनिक सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों के तबादला का सिलसिला शुरू हो चुका है। वही इसी संदर्भ में आज सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार ने 02 BAS अधिकारियों का ट्रांसफर की अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी हैं तो वही 17 भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों को भी प्रोन्नति दी हैं। जिसकी अधिसूचना विभाग की ओर से जारी कर दी गयी हैं। इनमें से 08 अधिकारियों को विशेष सचिव के पद पर प्रोन्नति मिली है।













सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 17 IAS अधिकारियों के प्रोन्नति सूची में बिहार नागरिक निबंधन विभाग के निदेशक आईएएस मोहम्मद सोहैल को भी वेतनमान में प्रोन्नति दी गई है। इसके अलावा कई विभागों में सचिव, अपर सचिव, निदेशक और प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात अधिकारियों को विशेष सचिव के पोस्ट पर प्रोन्नति दी गई है।







पटना (न्यूज सिटी)। बिहार में अफसरों का तबादला का सिलसिला शुरू हो चुका है। वही मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग, पटना ने बिहार प्रशासनिक सेवा में कार्यरत दो अधिकारियों को तबादला की हैं, जिसकी अधिसूचना विभाग की ओर से जारी कर दी गयी हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार, बिहार प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारी सुधीर कुमार को नगर दंडाधिकारी समाहरणालय, पटना में पदस्थापन करने का आदेश मिला है। फिलहाल वे अभी अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अनुमंडल कार्यलय, पटना सदर में पदस्थापित थे।









वही दूसरे अधिकारी मोनिका ठाकुर है, जो कि वर्तमान में वरीय उव समाहर्ता सह प्रभारी राजस्व, मुज़फ्फरपुर में पदस्थापित हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार इन्हें भी अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अनुमंडल कार्यलय, पटना सदर पदस्थापन देने को आदेश मिला है।



पटना (न्यूज सिटी)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गर्दनीबाग इकाई द्वारा एसटीईटी परीक्षा रद्द होने के विरुद्ध राज्यव्यापी धरना दिया। धरना में मुख्य रूप से क्षेत्रिय प्रमुख आशीष कर्ण, नगर प्रमुख विकास कुमार, नगर मंत्री प्रशांत राज एवं कार्यकारिणी सदस्य अजीत यादव, बी• डी• कालेज के छात्र नेता यश राज सिंह, सुजल सिंह, बिट्टू कुमार आदि मौजूद थे।









वही धरना में शामिल छात्रों ने एसटीईटी परीक्षा रद्द करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहाँ की परीक्षा रद्द होने से छात्रों का भविष्य अंधेर में चला गया। जिससे छात्रों का काफी समय भी बर्बाद हो गया। साथ ही कहा कि जब शिक्षक पात्रता परीक्षा कड़ाई के बीच हुई तो इसके फिर बाबजूद भी परीक्षा रद्द करना बिहार के शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है जो कि निंदनीय है।



पटना सिटी (न्यूज सिटी)। अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को आगामी 1 जून से काम से हटाए जाने के आदेश के विरोध में सुरक्षाकर्मियों ने आज अस्पताल अधीक्षक कार्यालय के समक्ष अपना आक्रोश प्रकट किया। मौके पर मौजूद आक्रोशित पुरुष और महिला सुरक्षाकर्मियों ने एनएमसीएच प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए तत्काल इस आदेश को रद्द किए जाने की मांग की है।






https://youtu.be/Pl7bgmz5RQ0




मौके पर आक्रोशित सुरक्षा गार्ड रमाकांत सिंह और महिला सुरक्षा कर्मी मोना कुमारी ने कहा कि कोरोना काल में जिस तरह से आपदा की स्थिति उत्पन्न हुई थी, उस स्थिति में भी हम सभी कर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी की है। वही आपदा की स्थिति में पीएम मोदी ने किसी भी कर्मचारी को जॉब से नहीं हटाने जाने का आदेश भी दिया है। इसके बाबजूद भी कंपनी बिना कारण बताए हम सभी सुरक्षा कर्मियों को काम से हटाया जा रहा है।









साथ ही सुरक्षाकर्मियों का कहना था कि उन लोगों को पिछले 3 महीने से वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है। गौरतलब है कि अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात इलाइट फॉल्कन एजेंसी को बदलकर नए एजेंसी को अगले 1 जून से काम करने का निर्देश जारी कर दिया है, जिसे लेकर अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। वही उपरोक्त मामले पर पूछे जाने पर अस्पताल अधीक्षक ने भी प्रतिक्रिया देने से सीधे तौर पर इंकार कर दिया है।



पटना (न्यूज सिटी)। बड़ी खबर राजधानी पटना से आ रही हैं, जहां एक साथ बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों का तबादला किया गया हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय के द्वारा आदेश जारी कर दिया गया हैं। जारी आदेश के अनुसार सूबे में 296 पुलिस कर्मियों का तबादला हुआ है। हालांकि ये सभी पुलिस कर्मी पटना जिले में पोस्टेड हैं। तबादले की लिस्ट में सिपाही, डीपीसी और पीटीसी शामिल हैं। जोनल आईजी की अनुशंसा पर सभी का तबादला की गई हैं।





पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक पटना के एसएसपी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों की सेवा की विवरणी की जांच करते हुए जिलादेश निर्गत करने की कार्रवाई करेंगे।































पटना (न्यूज सिटी)। लॉक डाउन के चौथे चरण में मिड-डे-मील की रसोइयों के लिए अच्छी खबर है, जहां बिहार सरकार ने आदेश जारी कर एमडीएम के रसोइयों और सह सहायक के मानदेय भुगतान की बात कहा है।









मिली जानकारी के अनुसार, सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अप्रैल और मई माह का मानदेय एमडीएम के रसोइयों को जल्द से जल्द जारी की जाए। इसके लिए बिहार सरकार ने एमडीएम के निदेशक को पत्र लिखकर आदेश जारी की है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि लॉक डाउन के दौरान रसोइयों को कर्तव्य पर उपस्थिति मानकर उनकी दो महीने की मानदेय जल्द भुगतान की जाए।



पटना (न्यूज सिटी)। गृह विभाग, बिहार की ओर से एक नई अधिसूचना जारी की गई है। जारी अधिसूचना के अनुसार बिहार के 4 आईपीएस (IPS) अफसरों को सरकार ने प्रोन्नति दी है। प्रोन्नति पाने वाले अधिकारियों में IPS प्राणतोष कुमार दास, IPS बिनोद कुमार, IPS मोहम्मद अब्दुल्लाह और IPS अभय कुमार लाल हैं।













इन अधिकारियों को कनीय प्रशासनिक ग्रेड वेतनमान में प्रोन्नति दी गई है। सभी आईपीएस अफसरों का वर्तमान पदस्थापन प्रभावित नहीं होगा। मतलब कि अभी जहां हैं, वहीं कार्यरत रहेंगे।



पटना (न्यूज़ सिटी)। लॉकडाउन के अवधि में बिहार में अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला शुरू हो गया है। वही नवंबर 2020 में बिहार सरकार का कार्यकाल भी समाप्त होने को हैं औए चुनावी साल में ट्रांसफर-पोस्टिंग की शुरुआत हुई है। आज भूमि व राजस्व विभाग ने बड़े पैमाने पर अधिकारियों की पोस्टिंग की है। जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है उनमें अंचलाधिकारी से लेकर प्रभारी अंचलाधिकारी, सहायक बंदोबस्ती पदाधिकारी, प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, सहायक चकबंदी पदाधिकारी के साथ-साथ राजस्व अधिकारी सह कानूनगो भी शामिल हैं।









जाने कौन-कौन से 64 अधिकारियों का हुआ तबादला..देखें पूरी लिस्ट में::::---























पटना (न्यूज़ सिटी)। बड़ी खबर राजधानी पटना से आ रही है। जहां बिहार सरकार की ओर से एक नई अधिसूचना जारी कर 12 BAS अफसरों का तबादला किया है।जिसमें 6 अनुमंडलों के एसडीएम भी शामिल हैं।









सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल एसडीओ मेघावी, रक्सौल एसडीओ अमित कुमार, समस्तपुर के दलसिंघसराय एसडीएम विष्णुदेव मंडल, अररिया के एसडीओ रोजी कुमारी, गया एसडीओ सतेंद्र प्रसाद और सीवान एसडीएम संजीव कुमार का तबादला किया गया है।









जारी नए आदेश के अनुसार कुमार रविंद्र को पकड़ीदयाल का एसडीओ, ज्ञानेंद्र कुमार को दलसिंघसराय का एसडीएम, शैलेन्द्र कुमार दिवाकर को अररिया एसडीएम, इंद्रवीर कुमार को गया एसडीओ, राम बाबू बैठा को सीवान एसडीएम और आरती कुमारी को रक्सौल का नया एसडीओ बनाया गया है।



पटना (न्यूज़ सिटी)। बिहार के बड़े अस्पताल पीएमसीएच से बड़ी खबर आ रही है, जहाँ कोरोना संकट के बीच अस्पताल में कार्यरत सफाईकर्मियों ने कामकाज ठप कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार पीएमसीएच में सफाई कर्मियों ने वेतन नहीं मिल रहा था। जिससे वे सभी परेशान होकर आज पीएमसीएच में सफाई कार्य को ठप कर दिया है।









वही मौके पर पीएमसीएच परिसर में कार्यरत सफाई कर्मियों का आरोप है कि उन्हें एजेंसी के द्वारा वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे हम सभी की नौबत भुखमरी के कगार पर है।






https://www.youtube.com/watch?v=Q2T20CaMMIM




साथ ही सफाईकर्मियों ने एजेंसी पर आरोप लगते हुए कहा की हमलोगो के द्वारा वेतन की मांग करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।



पटना (न्यूज़ सिटी)। लॉक डाउन के कारण से देेेश भर मेंं कल-कारखाने, प्रतिष्ठान-दुकान और छोटे बड़े सभी कंपनियाँ बंद पड़ी है। जिस कारण से सारे काम धंधा ठप पड़ चुका है। आमदनी भी रुक गयी है। बहुत सारी कंपनियों की अर्थव्यवस्था डगमगा गयी है। कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को छटनी में लगे हैं तो कंपनियां बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी है।









पटरी पर अर्थव्यवस्था की गाड़ी उतरते देख सरकारी और निजी उपक्रम की संस्थान हरकत में आ गयी है। वही बिहार में 04 वर्षो के लिए श्रम कानून को स्थगित कर दी है। इसको लेकर आज भारतीय मजदूर संघ, बिहार प्रदेश के प्रदेश महामंत्री उमा प्रसाद बाजपई ने श्रम संसाधन विकास मंत्री, बिहार सरकार, नियोजन भवन, पटना को एक पत्र लिखा हैं। जिसमे कहा कि बिहार में श्रम कानून के स्थगित होने से श्रमिकों के हित के विरुद्ध है। साथ ही प्रासंगिक भी नही है। इसलिए भारतीय मजदूर संघ बिहार प्रदेश इस निर्णय का पुरजोर विरोध करता है।



पटना (न्यूज सिटी)। दुनिया के 184 देश कोविड-19 के चपेट में है। वहीं से रोकने के लिए भारत ने एक कारगर कदम उठाए हुए हैं। जिसको लेकर पूरे भारतवर्ष में 3 मई तक देशव्यापी लॉक डाउन जारी है। साथ ही इस वायरस से बचाव के लिए केंद्र व राज्य सरकार सहित अन्य समाजसेवी व संगठनों ने लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील कर रहे हैं।






https://youtu.be/xM2nb3ZKTrY




इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ई रिक्शा चालक ने अपने रिक्शा को कुछ इस तरह से डिजाइन किया है कि जिसमें कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का नियम फॉलो कर रिक्शे के ढांचा को तैयार किया है। वही रिक्शा की नई डिज़ाइन देखकर महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने रिक्शा चालक को जॉब का ऑफर दिया है।






https://twitter.com/anandmahindra/status/1253621833850593281?s=20




वायरल हुए वीडियो के अनुसार रिक्शा को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि उसमें बैठने वाले कोई भी सवारी एक-दूसरे को टच नहीं कर सकेंगे। रिक्शा में चालक के अलावा चार सवारी आराम से बैठ सकते हैं। हर सवारी को बैठने के लिए रिक्शा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अलग-अलग सेक्शन बनाया गया है। ताकि कोई भी सवारी एक-दूसरे को टच या संपर्क में ना कर सके।






https://youtu.be/aC43VFt1YIU




हालांकि रिक्शा चालक के इस डिजाइन पर महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा फिदा हो गए हैं। जिसके बाद आनंद महिंद्रा ने रिक्शा चालक को जॉब का ऑफर दिया है। उन्होंने महिंद्रा कंपनी के कार्यकारी निदेशक राजू एस जेजूरिकर से इस ड्राइवर को रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम में बतौर एडवाइजर अप्वॉइंट करने की सलाह दी है। साथ ही श्री महिंद्रा ने कहा कि " हमारे देश के लोगों की तेजी से नया खोजने की और नई परिस्थितियों में ढल जाने की क्षमता देख मैं हमेशा हैरान रह जाता हूं। "





फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि यह वीडियो कहां का है। लेकिन वीडियो में देखकर अंदाजा लगाया जा रहा हैं कि रिक्शा चालक पश्चिम बंगाल का है और उसकी बोलचाल की बाते भी बंगाली भाषा लग रही हैं। जो की सोशल मीडिया पर खूब धड़ल्ले से वायरल हो रहा है।



पटना (न्यूज सिटी)। वित्त मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव एनी जॉर्ज मैथ्यू ने 23 अप्रैल 2020 को कोरोना संकट को देखते हुए कर्मचारियों के केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाली महंगाई भत्ते को 01 जनवरी 2020 से अगली किस्त के भुगतान पर भी रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है।






https://youtu.be/G0g3ajM5oc4




जानकारी के मुताबिक केन्द्र सरकार ने जनवरी में महंगाई भत्ता 4% बढ़ाकर कुल महंगाई भत्ते 21% करने का निर्णय लिया था। नए निर्णय से इस वृद्धि पर भी रोक लग गई है। जून 2021 तक महंगाई भत्ते की प्रभावी दर 17 % ही रहेगी।





वही इस फैसले से देश में करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 61 लाख पेंशन भोगी है, जो इससे सभी प्रभावित होंगे। जिससे करीब 1 करोड़ से अधिक परिवार इससे प्रभावित होंगे। प्रत्येक कर्मचारियों को लगभग डेढ़ लाख रुपया का घाटा हो रहा है अर्थात् केन्द्र सरकार अरबों-खरबों रुपयों का सरकारी कर्मचारियों एवं वेतन भोगियों के वेतन के राशि का हड़प करना चाहती है।





विरोध में अध्यादेश की प्रति जलाते शिक्षक




सरकार की रणनीति के अनुसार 1 जुलाई 2021 के बाद जब भी सरकार डीए की अगली किस्त जारी करने का फैसला लेगी। उस समय जनवरी 2020, जुलाई 2020 व जनवरी 2021 में प्रभावी महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की बढ़ी दरें को आगे के लिए इसमें समाहित कर दिया जाएगा और एक जुलाई 2021 से उसी बढी दर पर भत्ता दिया जाएगा। हालांकि 01 जनवरी 2021 से लेकर जून 2021 तक की अवधि के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बकाए का भुगतान नहीं होगा। हालांकि सरकार के इस अडियल रवैये से आहत होकर अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ भोला पासवान ने इसका विरोध किया है। डॉ भोला पासवान ने कहा कि सभी कर्मचारी अपने वेतन से एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में अंशदान करने को तैयार है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार इस तरह का फरमान जारी करता है।






https://youtu.be/T7Mo9uhksK0




इस अध्यादेश के विरोध में अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ से जुड़े सभी शिक्षक संगठन एवं शिक्षक इस अध्यादेश के प्रति को शुक्रवार को संध्या अपने-अपने घर के दरवाजों पर जलाया। प्रदेश से आई तस्वीरों के मुताबिक पटना महानगर के जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह, जिला सचिव सूर्यकांत गुप्ता, पटना जिला के जिलाध्यक्ष अजय कुमार, जिला सचिव श्रीकांत मौआर, मधुरेंद्र कुमार मधु, असीम कुमार मिश्रा, रजनीश कुमार, शिव रतन कुमार मेहता आदि ने भी इस अध्यादेश को जलाकर अपना विरोध जताया।






https://youtu.be/KVo7N3gROo8




वही बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ, नवादा के जिलाध्यक्ष दिनेश नाथ पासवान, जिला सचिव आलोक कुमार, कार्यालय जिला सचिव भरत कुमार ने भी अपने घर के दरवाजे पर इस काले अध्यादेश को जलाकर अपना विरोध प्रकट किया। सिवान के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, जिला सचिव अशोक कुमार प्रसाद, डॉ भोला पासवान, राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ ने भी अपने घर के दरवाजे पर इस काले अध्यादेश के प्रति को जलाएं।



सासाराम (न्यूज सिटी)। कोविड-19 के प्रकोप से पूरा विश्व चपेत में हैं। इसके प्रकोप को रोकने के लिए डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और पुलिसकर्मी कोरोना योद्धा बनकर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वह इसी बीच बिहार के सासाराम से एक मामला प्रकाश में आया है, जहां एक महिला पुलिसकर्मी इस महामारी के बीच अपनी ड्यूटी पर डटी है तो दूसरी ओर मां के फर्ज भी अदा कर रही है।






https://youtu.be/T7Mo9uhksK0




जानकारी के मुताबिक बिहार के सासाराम के मुख्य चौराहे पर ड्यूटी करने वाले पूजा कुमारी बिहार पुलिस के सिपाही है। साथ ही वह प्रतिदिन इस कड़ी धूप में कोरोना योद्धा बन कर ड्यूटी पर डटी है। लेकिन दिक्कत यह है कि महिला सिपाही 11 महीने का एक बच्चा है, जो ड्यूटी के समय भी इनके साथ रहता है। एक तरफ नौकरी के कर्तव्य परायणता तो दूसरी और मां की ममता को वो बखूबी निभाती है। वही महिला सिपाही पूजा बताती है कि प्रतिदिन सड़कों पर 12 घंटे की ड्यूटी लगती है। इस दौरान छोटा बच्चा को घर अकेला छोड़ने पर बिलख जाता है। इसी कारण से मैं उसे प्रतिदिन ड्यूटी पर अपने साथ ले आती हूं।






https://youtu.be/KVo7N3gROo8




वहीं मामले की जानकारी बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे को मिली तो उन्होंने महिला सिपाही को फोन कर हौसला अफजाई की। साथ ही डीजीपी ने सिपाही को अनुरोध करते हुए कहा कि बच्चे को लेकर ड्यूटी ना करो तो वही सिपाही ने कहा कि घर में कोई सदस्य नहीं था। इसलिए बच्चे को संग लेकर ड्यूटी कर रही थी।



पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति महोदय को जब राज्यपाल सचिवालय बिहार द्वारा निर्देशित दिनांक 06 मार्च, 2020 को पत्र के माध्यम से सख्त निर्देश दिया गया था कि किसी भी प्रकार का प्रोन्नति, नियुक्ति अथवा स्थानांतरण इत्यादि पर कोई कार्रवाई या निर्णय नहीं लिया जाए। इसके बावजूद कैसे पटना विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा दिनाक 6 मार्च, 2020 से लेकर दिनांक 22 अप्रैल, 2020 तक विश्वविद्यालय के तमाम प्रकार की प्रोन्नति, हस्तांतरण एवं सेवा संपुष्टि सहित अन्य विषयों पर बेधड़क निर्णय लेते हुए अधिसूचना जारी किया गया। ज्ञात हो कि कुलपति ने पुनः ज्ञापक संख्या 2698/R दिनांक 22 अप्रैल, 2020 को कुलसचिव पटना विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना में दिनांक 06 मार्च, 2020 से 24 अप्रैल, 2020 तक के लिए गए सभी प्रकार के निर्णय को निरस्त कर दिया गया।






https://youtu.be/KVo7N3gROo8




श्री वर्मा ने कहा है कि पटना विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय सर्वप्रथम राज्यपाल सचिवालय द्वारा दिए गए निर्देशों का अवहेलना कर निर्णय लिए थे और बाद में उन सारे निर्णय को रद्द करना ही तथ्यों को प्रमाणित करता है कि उन्होंने इस अवधि के दौरान अपने पद के मर्यादा को ताक पर रखकर उन्होंने व्यापक पैमाने पर किए गए नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा संपुष्टि, संबंधित मामले पर उठ रहे सवालों एवं आने वाले दिनों में इन फैसलों पर निश्चित ही होने वाले जांच से घबरा कर अचानक दिनांक 22 अप्रैल, 2020 को उन्होंने सारे अपने द्वारा किए गए फैसलों को रद्द कर दिया। इस घटना से पटना विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठा धूमिल होने के साथ-साथ लाभान्वित शिक्षकों एवं कर्मचारियों में हताशा, निराशा एवं आक्रोश का वातावरण व्याप्त है।









चर्चा के मुताबिक पटना विश्वविद्यालय के द्वारा जारी अधिसूचना से यह प्रमाणित होता है कि अधिसूचना में कहीं भी राजभवन के लिखित या मौखिक आदेश का जिक्र नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह चर्चा आम है कि कुलपति को अगर सारे निर्णय पर फैसला लेना ही था क्यों नहीं राजभवन से पूर्वाअनुमति लेकर की गई थी अगर पूर्वा अनुमति ली गई होती तो आज इन फैसलों को रद्द करने की जरूरत महसूस नहीं होती पप्पू वर्मा ने राज्यपाल महोदय से मांग करते हुए कहा कि दिनांक 6 मार्च 2020 से लेकर दिनांक 22 अप्रैल, 2020 तक हुए तमाम नोटिफिकेशन की जांच एक कमेटी बनाकर करने का निर्देश महामहिम राज्यपाल महोदय द्वारा दी जानी चाहिए। ताकि कुलपति द्वारा लिए गए गलत निर्णय या व्यक्तिगत लाभ संबंधित मामले का भंडाफोड़ हो सके। साथ ही साथ इनके पूरे कार्यकाल के विशेषकर विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह केंद्रीय पुस्तकालय, शताब्दी समारोह एवं पटना विश्वविद्यालय के तमाम परिसर एवं कॉलेजों में हुए बेतहाशा निर्माण एवं वित्तीय खर्च का ऑडिट रिपोर्ट कर निगरानी से जांच करने की मांग करते हैं। ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके।इन सभी कारनामों का कुलपति पटना विश्वविद्यालय को इसका जवाब देना होगा।






https://youtu.be/T7Mo9uhksK0


पटना (न्यूज सिटी)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिविल सेवा दिवस पर सभी सिविल सेवकों एवं उनके परिवारों को बधाई एवं शुभकामना दिया हैं।






https://youtu.be/oLcwIs2U0X8




साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आपदा के समय लोगों को पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ मदद पहुंचाने की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे में आप लोगों ने पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन किया है तथा लोक कल्याणकारी नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।






https://youtu.be/pq2AubQ202I




कोरोना महामारी के खिलाफ जिस दृढ़ता एवं संकल्प के साथ आप सभी कार्य कर रहे हैं, उसकी मैं सराहना करता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी कोरोना संक्रमण से उत्पन्न इस संकट के समय ने लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।



नेशनल डेस्क (न्यूज सिटी)। COVID-19 पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार द्वारा लॉक डाउन लागू है। इस दौरान संघ लोक सेवा आयोग ने परीक्षा की नई तारीखों का एलान आगामी 03 मई को करेगा।






https://youtu.be/L7ymGJgvvB4




आयोग के अनुसार, 03 मई 2020 के बाद सिविल सेवा 2019 के व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) और अन्य परीक्षाओं के लिए नई तारीख जारी करने का फैसला की है। कोरोना वायरस को लेकर आयोग द्वारा आयोजित कई परीक्षाएं और साक्षात्कार स्थगित कर दिए गए। सिविल सेवा परीक्षा 2019 के लिए साक्षात्कार 17 फरवरी 2020 से शुरू होने वाले थे, परन्तु कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर आयोग को साक्षात्कार स्थगित करना पड़ा। COVID-19 के प्रकोप के कारण भारतीय आर्थिक सेवा (IES), भारतीय सांख्यिकी सेवा ( ISS), संयुक्त चिकित्सा सेवा (CMS), नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA-I) की परीक्षा भी स्थगित कर दी गई थी।





वाहन पास बनवाने के लिए QR CODE स्कैन करे




वही सिविल सेवा प्रारम्भिक परीक्षा का आयोजन 02 जून, 2019 को हुआ था। परिणाम 12 जुलाई, 2019 को घोषित हुए थे। वही मुख्य परीक्षा 20 से 29 सितंबर, 2019 तक देश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी। मुख्य परीक्षा का परिणाम 14 जनवरी, 2020 को जारी की गई थी। बस अब इंतज़ार है साक्षात्कार की तिथि की, जो संघ लोक सेवा आयोग आगमी 03 मई, 2020 को जारी करेंगी।






https://www.youtube.com/watch?v=etJG_pwbG9E&t=34s