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सेंट्रल डेस्क, न्यूज सिटी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्‍यों को पत्र भेजा हैं, जिसमे मुख्य बातों को रेखांकित करते हुए कहा है कोविड-19 के संक्रमण के भय और आजीविका छिनने की आशंका की वजह से ही विभिन्‍न स्‍थानों पर फंसे श्रमिक अपने-अपने घरों की ओर अग्रसर होने के लिए व्‍याकुल हैं। प्रवासी श्रमिकों की कठिनाइयों को कम करने के लिए इस पत्र में उन उपायों या कदमों पर विशेष जोर दिया गया है जिन्‍हें राज्य सरकारों को केंद्र के साथ सक्रियतापूर्वक समन्वय कर उठाना चाहिए। ये कदम निम्‍नलिखित हैं:





  • राज्यों एवं रेल मंत्रालय के बीच सक्रिय समन्वय सुनिश्चित कर कई और स्‍पेशल ट्रेनें चलाएं।




  • प्रवासियों की आवाजाही के लिए अधिक बसें चलाएं और प्रवासियों को ले जाने वाली बसों को अंतर-राज्य सीमा पर प्रवेश की अनुमति दें।




  • ट्रेनों/बसों के प्रस्थान के बारे में और भी अधिक स्पष्टता सुनिश्चित करें, क्योंकि अफवाहों और अस्पष्टता के कारण श्रमिकों का मन अशांत हो जाता है।




  • स्वच्छता, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम के साथ निर्दिष्ट विश्राम स्थलों की व्यवस्था उन मार्गों पर राज्यों द्वारा की जा सकती है जहां प्रवासियों के पैदल यात्रा करने की सूचना है।




  • जिला अधिकारी परिवहन की व्यवस्था करके पैदल चल रहे श्रमिकों का मार्गदर्शन कर उन्‍हें निर्दिष्ट स्थानों, पास के बस टर्मिनलों या रेलवे स्टेशनों पर ले जा सकते हैं।




  • प्रवासी श्रमिकों के बीच महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की विशिष्ट आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।




  • विश्राम स्थलों पर दीर्घकालिक क्‍वारंटाइन की आशंका को दूर करने के लिए जिला प्राधिकरण विश्राम स्थलों, इत्‍यादि पर गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधियों की सेवाएं ले सकते हैं। श्रमिकों को उन्‍हीं स्थानों पर बने रहने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सकता है जहां अभी वे हैं।




  • प्रवासियों के पते और संपर्क नंबर एक सूची में नोट किए जा सकते हैं। यह उचित समय पर उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाने में सहायक हो सकता है।




  • केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में यह बात दोहराई गई है कि जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रवासी श्रमिक को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए विवश होकर सड़कों या रेलवे पटरियों पर चलने की जरूरत ही न पड़े। वे आवश्यकतानुसार रेलगाड़ियों को चलाने के लिए रेल मंत्रालय से अनुरोध कर सकते हैं।










सेंट्रल डेस्क, न्यूज सिटी। तीसरे चरण के लॉक डाउन के आज आखिरी दिन हैं। वही कोविड-19 के प्रसार पर रोकने के लिए गृह मंत्रालय ने चौथे चरण के लॉकडाउन को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। हालांकि महाराष्‍ट्र और तमिलनाडु ने 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कर दी। इससे पहले पंजाब, तेलंगाना और मिजोरम ने भी लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कर दी है। तेलंगाना की सरकार ने 29 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया है। वहीं पंजाब सरकार ने 18 मई से राज्‍य से कर्फ्यू हटाने की घोषणा कर दी है। गृह मंत्रालय के अनुसार, इन दिशानिर्देशों के तहत विशेष रूप से प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर सभी गतिविधियों को अनुमति दी जाएगी।






https://youtu.be/hy2Y_D3T-vc




इन चीजों पर प्रतिबंध जारी :::---





  1. घरेलू हवाई एंबुलेंस को छोड़कर सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर 31 मई तक रोक बरकरार रहेगी।
  2. मेट्रो रेल सेवाएं, स्कूल, कॉलेज 31 मई तक बंद रहेंगे।
  3. होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, मॉल, तरण ताल (स्वीमिंग पूल), जिम 31 मई तक बंद रहेंगे।
  4. सभी सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक कार्यक्रम, प्रार्थना व धार्मिक स्थल लॉकडाउन विस्तार की अवधि में 31 मई तक बंद रहेंगे।
  5. नई गाइडलाइन के अनुसार, कार्यालयों और कार्यस्थलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आरोग्य सेतु ऐप सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर उपलब्ध हो।
  6. रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के अलावा कंटेनमेंट जेान और बफर जोन बनाए गए।
  7. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को COVID-19 स्थिति के अनुसार रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के निर्धारण के अधिकार दिए गए हैं।
  8. खेल परिसरों और स्टेडियमों को खोलने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, दर्शकों को अनुमति नहीं दी होगी।
  9. आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर लोगों का आवागमन शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक पूरे देश में सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा।
  10. अंतरराज्यीय आवागमन के लिए यात्री वाहनों, बसों को लॉकडाउन 4.0 के दौरान शामिल राज्यों की आपसी सहमति से अनुमति लेनी होगी।
  11. गृह मंत्रालय ने भारत सरकार के मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य केंद्रशासित प्रदेशों के अंतर्गत प्रशासन के लिए COVID19 के नियंत्रण के लिए उपायों पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। LockDown4 31 मई 2020 तक प्रभावी रहेगा।
  12. दुकानो खुलने का निर्देश राज्यों मुख्यमंत्री को स्थिति के अनुसार निर्णय ले सकते है।




कैबिनेट सचिव राजीव कैबिनेट सचिव राजीव गौबा लॉकडाउन 4.0 के नई गाइडलाइंस को लेकर आज रात 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से चर्चा करेंगे।









बता दे की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते मंगलवार (12 मई) को राष्ट्र के नाम संबोधन में ही स्पष्ट कर दिया था कि देश में 18 तारीख से पूर्णबंदी का चौथा चरण शुरू हो जाएगा और यह पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा। हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा था कि इस चरण में किसी चीज में और कितनी छूट दी जाएगी। कोरोना महामारी के खिलाफ चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में गत 25 मार्च से पूर्णबंदी लागू है और इसके तीन चरण पूरे हो चुके हैं। पहला चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल, दूसरा 15 अप्रैल से तीन मई और तीसरा चरण चार मई से 17 मई तक था।



पटना (न्यूज़ सिटी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते मंगलवार को राष्ट्र के नाम किये पांचवे संबोधन में कोरोना संकट से लड़ने के लिए 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के विभिन्न समूहो, नेताओं और मंत्रालयों के साथ चर्चा करने के बाद इस पैकेज की घोषणा की है। प्रेस वार्ता के दौरान वित्त मंत्री ने दक्षिण भारत की चार भाषाओं में बताया आत्मनिर्भर भारत का मतलब। उनका कहना था कि आत्मनिर्भर भारत के 5 पिलर है, इकोनॉमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी, डिमांड। इसको लेकर आज शाम वितमंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के पहले चरण का ब्योरा पेश करते हुए कहा कि समाज के कई वर्गों से बातचीत कर पैकेज तैयार किया गया है। पैकेज के जरिए देश की क्षमता को बढ़ाना है। भारत को आत्मनिर्भर बनाना है, इसलिए इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान कहा जा रहा है।






https://www.youtube.com/watch?v=eJ1aK2WAiYw




जबकि केंद्र सरकार ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी के 3 लाख करोड़ का लोन दिया जाएगा। 45 लाख एमएसएमई यूनिट्स काम शुरू कर सकेंगे। जिन्होनें पिछला कर्ज नहीं चुकाया वे भी कर्ज लेकर काम शुरू कर सकते हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि जो बढ़िया आईडिया लेकर आएंगे सरकार उनकी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि COVID-19 के चलते मोदी सरकार ने जो पहला कदम उठाया वो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के रूप में लेकर आए। इसमें देश के गरीब को भूखा न रहना पड़े इसलिए 1,70,000 का पैकेज लाया गया।









वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या घोषणा की है, पढ़े :----------





  • 25 मार्च 2020 के बाद जो भी रजिस्ट्रेशन और कंस्ट्रक्शन के लिए आगे बढ़े हैं उन्हें 6 महीने के लिए फायदा. बिल्डरों को भी मकान पूरा करने के लिए मिलेगा वक्त.




  • निर्माण के काम के लिए 6 महीने तक के लिए एक्सटेंशन दिया जा रहा है, निर्धारित समय में किए जाने वाले काम को तय तारीख से 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है.




  • कल से अगले साल तक टीडीएस और टीजीएस के लिए 25 प्रतिशत भुगतान में छूट दी जा रही है जो कि अगले साल 31 मार्च 2021 तक जारी रहेगी. इससे 50 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा




  • इनकम टैक्स में ट्रस्ट, एलएलपी को सभी पेंडिंग फंड तत्काल रूप से दिए जाएंगे




  • विवाद से विश्वास स्कीम के तहत जिन कंपनियों के टैक्स विवाद के चलते बाकी हैं वह 31 दिसंबर 2020 तक बिना किसी ब्याज के टैक्स दे सकती हैं.




  • इनकम टैक्स रिटर्न की तारीख को 31 नवंबर 2020 तक बढ़ाया जाएगा




  • बिजली कंपनियों को 90 हजार करोड़ की नकदी, राज्य सरकार को देनी होगी गारंटी।




  • डिस्कॉम को कैश फ्लो की दिक्कत हो रही है, उनके लिए 90 हजार करोड़ की सहायता तय की गई है




  • एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ की स्कीम




  • पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन अगले तीन महीनों के लिए घटाया जा रहा है, ये नियोक्ताओं के लिए किया गया है. सरकारी और पीएसयू को 12 प्रतिशत ही देना होगा. पीएसयू पीएफ का 12 फीसदी ही देंगे लेकिन कर्मचारियों को 10 प्रतिशत पीएफ देना होगा.




  • 15 हजार से कम सैलरी वालों को सरकारी सहायता, सैलरी का 24 फीसदी सरकार पीएफ में जमा करेगी




  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा 2 हजार 500 करोड़ की मदद इसके लिए सरकार की ओर से दी जा रही है.




  • ईपीएफ के लिए दी गई सहायता अगले तीन मई के लिए बढ़ाई जा रही है. ये सहायता जून जुलाई अगस्त तक जारी रहेगी




  • ईपीएफ के लिए दी गई सहायता अगले तीन मई के लिए बढ़ाई जा रही है. जो पहले मार्च, अप्रैल, मई तक दी गई थी.




  • एमएसएमई की बाजार तक पहुंच बनाना आसान होगा और ई-मार्केट से जोड़ा जाएगा




  • 200 करोड़ तक के सारे टेंडर ग्लोबल टेंडर नहीं होंगे




  • एमएसएमई सेक्टर को बिना गारंटी के 3 लाख करोड़ का लोन दिया जाएगा





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सेंट्रल डेस्क, न्यूज सिटी। राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर दिल्ली से आ रही है। जहां एक बार फिर दिल्ली और एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। वही भूकंप के तीव्रता 3.5 रिक्टर पैमाने बताई जा रही है। इसका केंद्र दिल्ली के पास गाजियाबाद बताया जा रहा है।









राजधानी दिल्ली में तेज आंधी तूफान के बाद रविवार की दोपहर में करीब 01:45 पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। वही भूकंप आने के बाद से लोग डरे सहमे है और अपने बचाव के लिए घर से बाहर निकल आए। फिलहाल अभी तक किसी तरह की कोई जानमाल की क्षति की सूचना नही हैं।



पटना (न्यूज सिटी)। राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन में लोगो को क्या क्या परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? ऐसा ही परेशानी एक व्यक्ति को अपनी ही शादी में लॉक डाउन का मुसीबत झेलना पड़ा।






https://youtu.be/aWq1J6oqEUY




मामला पटना सिटी के आलमगंज थाना क्षेत्र की है, जहां मिस्का टोली निवासी जैसमीन परवीन की शादी बीते 22 मार्च को होनी थी और उस दिन कोरोना को लेकर देश मे जनता कर्फ्यू भी लगा था। इसी दौरान जैसमीन परवीन की बारात 22 मार्च को कोलकाता से पटना आयी थी। बारात लेकर मो• असलम कोलकाता से पटना तो पहुंच गया लेकिन लॉक डाउन की बंदिशों के कारण वो अपने दुल्हन को विदाई नही करा सका। जिस कारण से कोलकाता से आये 28 बाराती समेत दूल्हा-दुल्हन यही फंस गए। बारात में आये कुछ लोगो के रहने की व्यवस्था लडक़ी पक्ष वालों ने कराई, जबकि कुछ बाराती पार्टी के लोग अपने अपने रिश्तेदारों के यहां रहकर जैसे तैसे लॉक डाउन के 47 दिनों का वक्त बिताया।









ऐसी लॉक डाउन के पाबंदियों के बीच बाराती पार्टी को घर वापसी को लेकर दूल्हा-दुल्हन पक्ष के लोग इंतजाम के लिए सरकारी दफ्तर से लेकर अन्य सामाजिक लोगों के पास पैरवी व जुगाड़ लगाने का अथक प्रयास किया। परंतु परिणाम कुछ भी न निकला। लेकिन इसके बाद भी दूल्हा पक्ष के लोग हार नहीं माने और अपनी वापसी को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और पटना के कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई। जिसके बाद बीते शनिवार को बारातियों को बस से जमुई के लिए रवाना की गई। बारातियों का जत्था जमुई पहुंचते ही वहां से पश्चिम बंगाल सरकार की मदद से बस के द्वारा उनको कोलकाता ले जाया जाएगा। वही लॉक डाउन के कारण 47 दिनों से बिहार के पटना सिटी में फंसे बारातियों ने चैन की सांस ली हैं।






https://youtu.be/5wsd4lh4AdQ




वही अपने घर वापसी को लेकर दूल्हा के चाचा मोहम्मद गुलाम हुसैन ने बताया कि हमें खुशी हो रही है कि हम इस लॉक डॉउन के अवधि में भी पूरी बाराती सहित दुल्हन को भी विदा कराकर कोलकाता ले जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे लिए पटना का कलेक्टर कुमार रवि और जिला प्रशासन की तरफ से घर वापसी के लिए साधन मुहैया कराना और इफ्तार सहित खाने पीने की चीजों के लिए व्यवस्था कराना अति प्रशंसनीय है और मैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं।



सेंट्रल डेस्क, न्यूज़ सिटी। कोविड-19 के दहशत के बीच राजधानी पटना से अच्छी खबर आ रही है। वही इस बार गर्मी में राजधानी वासियों को पीने की पानी की किल्लत नही होगा।






https://www.youtube.com/watch?v=8-Tyno0GH5o




गौरतलब हैं कि अप्रैल और मई के महीने में राजधानी में जल स्तर 70 से 75 फीट के करीब रहता है। वही वर्ष 2019 में इस माह में यह 75 फीट के स्तर पर था। जबकि इस वर्ष मई में वाटर लेवल 55 फीट है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल वाटर लेवल 20 फीट ऊपर है। हालांकि अच्छी बात यह है कि 04 वर्ष के बाद शहर में पहली बार भू जल स्तर का पैमाना नॉर्मल है। वर्ष 2015-16 में भू जल स्तर का पैमाना लगभग 55 फीट था। वही जल स्तर नीचे नही जाने से इस बार जल संकट की विकट स्थिति उत्पन्न नही होगी।









मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि लॉक डाउन में पानी की खपत कम होने तथा अप्रैल व मई में हुई बारिश ने जल स्तर की स्थिति अच्छी है।राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन घोषित होने के बाद से बीते 44 दिनों से मॉल, होटल, बाजार और उद्योग बंद होने के कारण पानी की खपत 30 फीसदी कमी आई है। वहीं घरेलू स्तर में पानी की खपत 10 फीसदी तक बढ़ गई है। इससे भूजल स्तर में सुधर आया है। इसी का परिणाम है कि पटना में भू जल स्तर 75 फिट पर हैं।



पटना सिटी (न्यूज़ सिटी)। मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है, इसी मूल मंत्र के साथ मारवाड़ी सेवा समिति पटना सिटी द्वारा लॉक डाउन के दूसरे चरण में भी समिति ने निर्णय लिया कि समिति द्वारा जरूरतमंदों के बीच 03 मई तक भोजन वितरण का कार्यक्रम जारी रहेगा। समिति के अध्यक्ष संजीव देवड़ा ने बताया कि आज की व्यवस्था कार्यक्रम के संयोजक अमित झुनझुनवाला और अनुप पोदार की तरफ से किया गया था।









आज वितरण का 18वाँ दिन था, इस अवसर पर आज मालसलामी बस स्टैंड, दीदारगंज, पटना साहिब स्टेशन, गायघाट और महावीर कैंसर अस्पताल में भी 570 पैकेट भोजन का वितरण किया गया। इस अवसर पर अमीत झुनझुनवाला, राहुल अग्रवाल, बीटु खेतान, राजेश देवड़ा, पप्पू कमलिया, पप्पू जालान, सनी साह, अशोक कसेरा, सज्जन दुगगड़ सक्रिय थे।






https://youtu.be/g_oBsRrZXVQ


पटना सिटी/संजीव देवड़ा (न्यूज़ सिटी)। कोरोना वायरस को लेकर हुए लॉक डाउन और आवागमन का साधन बंद होने के बाद प्राइवेट कंपनियों काम करने वाले मजदूरों का सैकड़ों किलोमीटर का पैदल यात्रा कर अपने घर जाने का शिलशिला लगातार जारी है।






https://youtu.be/_bJkqNkcm60




आज भी पटना और गया से काम करने वाले सैकड़ो मजदूर रेल ट्रैक और सड़क के रास्ते लगभग 250 किलोमीटर भागलपुर के लिए रवाना हुए। वही खुसरूपुर पहुँचने पर खुसरूपुर स्टेशन के जीआरपी ने स्थानीय युवा संगठन के द्वारा रखे गए पैकिंग नास्ता और पानी मजदूरों को दिया। नास्ता कर मजदूर पुनः भागलपुर के लिए रवाना हुए, जाने वक्त खुसरूपुर GRP ने मजदूरों को रास्ते मे खाने के लिए एक बोड़ी मुढ़ी देकर विदा किए।






https://youtu.be/t375SmbYv4Q