पटना/भोजपुर (न्यूज़ सिटी)। कोरोना वायरस के कहर से पूरे विश्व मे कोहराम मचा हुआ है। जिसे रोकथाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सम्पूर्ण भारतवर्ष में लॉक डाउन लागू है। जिस वजह से कई लोग दूसरे-दूसरे प्रदेशों में फंसे हुए हैं।
इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से लॉग डॉउन की अवधि दूसरे चरण में बढ़ाकर 3 मई तक विस्तारित कर दिया है। जिससे जहां तहां फंसे लोगों में बेचैनी बढ़ गयी है। इतना ही नही इस लॉक डाउन में बिहार के भोजपुर सहित अलग-अलग जिलों के करीब 200 स्कूली बच्चे और उनके परिजन भी आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा अंतर्गत कृष्णा जिला में फंसे हुए।
वही अपने अपने घर जाने को लेकर आंध्र प्रदेश में फंसे बच्चों ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर जारी किया है। जिसमे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मदद की गुहार लगाई है। बच्चे और उनके परिजन वीडियो के माध्यम से राज्य सरकार से गुहार लगाते हुए कह रहे कि उन्हें किसी तरह से व्यवस्था करा कर आंध्र प्रदेश से उनके गृह राज्य बिहार स्थित अपने घर पहुंचाने में मदद करें। हालांकि लोग डाउन में फंसे यह बच्चे आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा स्थित विश्व शांति स्कूल की है। जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चे किस तरह से डरे सहमे हुए हैं। यह बच्चे अपने मां-बाप से मिलने को कितने बेताब हैं, यह अंदाजा उनके चेहरे पर झलक रही मायूसी से लगाया जा सकता है।

वहीं इस वीडियो में आरा शहर के नवादा थाना के रामनगर निवासी संजीव कुमार की पुत्री दिव्या आंध्र प्रदेश के विश्व शांति स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा है। दिव्या पिछले 4 सालों से इसी स्कूल में पढ़ रही है। वैसे ही आरा की पकड़ी मोहल्ला निवासी सुनील पाल की पुत्री अमीषा, और अनिल केशरी की पुत्री श्रुति जैसे 40 से ज्यादा बच्चे आंध्र प्रदेश के विश्व शांति स्कूल में छुट्टी के बाद से फंसे हुए हैं।
स्कूल में फंसे बच्चों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मदद की गुहार लगाते हुए कह रहे हैं कि नीतीश अंकल प्लीज मुझे मेरे घर पहुंचा दो। वहीं परिवार के लोगों का मानना है कि बच्चे बहुत छोटे हैं और सभी बच्चे स्कूल के छुट्टी होने के कारण अपने अपने घर आना चाहते हैं। लेकिन लॉग डॉउन की वजह से घर आने में सक्षम नहीं है। वहीं अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री से हाथ जोड़कर बच्चों को सकुशल घर तक पहुंचाने की विनती कर रहे हैं।



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