पटना (न्यूज सिटी)। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव अभियान का अभी बिगुल भी नहीं बजा और राजद के बड़बोले युवराज अभी ही पस्त हो चुके हैं। हताशा और बौखलाहट में अनावश्यक बयानबाजी से अपनी बची खुची साख भी मिट्टी में मिला देने के लिए व्याकुल दिख रहे हैं।
श्री प्रसाद ने कहा कि राजद के पांच विधान पार्षदों का जदयू में शामिल होना और उनकी पार्टी के वरिष्ठ रघुवंश प्रसाद सिंह के पद से त्यागपत्र ने इतना तो स्पष्ट कर ही दिया कि पहले से महागठबंधन के दलों द्वारा उनके स्वघोषित नेतृत्व को नकारे जाने के बाद अब राजद भी बिखरने लगा है।

श्री प्रसाद ने कहा कि दरअसल मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के व्यक्तित्व कृतित्व एवं उनकी लोकप्रियता के मुकाबले तेजस्वी पासंग में भी खड़े नहीं दिखते, दूसरी तरफ 1990 से 2005 के उनके परिवार के शासन काल की खौफनाक तस्वीर से जोड़ कर उनकी छवि देखी जाती है। इसीलिए एकतरफा चुनाव में राजद की संभावित करारी हार का दुष्प्रभाव तेजस्वी जी की पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है।


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