पटना (न्यूज सिटी)। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शारीफ अहमद रंगरेज ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से तालीमी मरकज व टोला सेवक शिक्षकों को प्राथमिक शिक्षक की तरह समायोजित करने की मांग की है। जिस तरह प्राथमिक शिक्षकों को राज्य सरकार वेतन देती है, उसी तरह तालिमी मरकज व टोला सेवक शिक्षकों को भी प्राथमिक शिक्षक की तरह वेतनमान सरकार द्वारा दिया जाए। बिहार में 28,000 तालीमी मरकज के शिक्षक की संख्या है। मगर दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इनकी वेतन न्यूनतम मजदूरी से भी बहुत कम है।

श्री रंगरेज ने कहा कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक, दलित, अति पिछड़ा वर्ग अक्षर अंचल के अंतर्गत कार्यरत तालिमी मरकज व टोला सेवक शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सबसे ज्यादा संख्या अल्पसंख्यक दलित अति पिछड़ा वर्ग शिक्षक का है, मगर मुख्यमंत्री इन शिक्षकों के साथ छुआछूत वाली भेदभाव कर रही है। जबकि तालिमी मरकज व टोला सेवक शिक्षक निष्ठा पूर्वक कार्य करने के बाद भी गुमनामी की जिंदगी बसर कर रहे हैं।


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