पटना (न्यूज सिटी)। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बहुत भयावह थी। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में पहले से काफी सुधार हुआ है। साथ ही कहा कि फरवरी 2006 में राज्य सरकार द्वारा कराए गए सर्वे में यह पाया गया की प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ईलाज करवाने के लिए एक महीने में मात्र 39 मरीज ही आते हैं। राज्य सरकार ने इस पर त्वरित करवाई करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सकों एवं नर्सों की उपलब्धता सुनिश्चित की।श्री प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2019-20 के बजट में स्वास्थ्य विभाग के तहत 09 हजार 622.76 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार द्वारा मुफ्त दवा वितरण योजना के तहत कैंसर व मधुमेह की दवाओं के साथ 310 प्रकार की दवाएं मरीजों को मुफ्त उपलब्ध करायेगी। साथ ही सर्जिकल वस्तुओं की भी मुफ्त उपलब्ध कराया जायेगा। बिल एंड मिलिंडा गेट्स फांउडेशन ने स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रशंसा में कहा कि पिछले 20 वर्षों में बहुत कम स्थान ऐसे है, जिसने बिहार की तुलना में गरीबी और बीमारी के खिलाफ इतनी अधिक प्रगति हासिल की है। बिहार में अब जन्म लेने वाले एक शिशु में अपने पांचवें जन्मदिन तक पहुंचने की संभावना, दो दशक पहले की तुलना में दोगुने से अधिक है।

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जदयू प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को इतना बेहतर कर देना है कि किसी भी मरीज को ईलाज के लिए मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े।
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