पटना (न्यूज सिटी)। बिहार प्रदेश काँग्रेस कमिटी के प्रवक्ता शारीफ अहमद रँगरेज ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधित्व को काट कर अगड़ी जाति के राजपूत समाज से आने वाले नेता को उम्मीदवार बनाने से अल्पसंख्यक समाज मे भारी मायूसी है। श्री तारिक अनवर की उम्मीदवारी रद्द होने पर अल्पसंख्यक समाज से ही किसी को उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था। अल्पसंख्यक समाज की उपेक्षा से कार्यकर्ताओं में भारी मायूसी है।
पूर्व में भी असमय अल्पसंख्यक समाज के अध्यक्ष को हटाना, और अब अगड़े/ब्राह्मण, दलित परिषद सदस्यों के होते अल्पसंख्यक समाज का स्वाभाविक प्रतिनिधित्व बनता था। परन्तु फिर से अगड़े ही समाज से प्रतिनिधित्व देने से अल्पसंख्यक समाज में अच्छा सन्देश नहीं गया। काँग्रेस नेतृत्व को अभी भी अल्पसंख्यक समाज को संगठन समेत अन्य पदों पर प्रतिनिधित्व दे जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। अन्यथा आगामी चुनाव में इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।


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