पटना (न्यूज सिटी)। युवा नेता पप्पू वर्मा ने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में स्वास्थ, शिक्षा और रोजगार ही मुद्दा होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के जनता को यह तय करना होगा स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर बात करने वाले एवं अपने विधानसभा में जिन जनप्रतिनिधियों ने इन तीनों मुद्दे पर कुछ काम किया है। ऐसे जनप्रतिनिधियों को ही जनता वोट करें। आज बिहार में बड़े पैमाने पर रोजगार शिक्षा और स्वास्थ्य की हालत दयनीय है। आज पटना विश्वविद्यालय जैसे नामचीन विश्वविद्यालय को भी अपनी गरिमा बचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।









ईस्ट का ऑक्सफोर्ड कहा जाने वाला विश्वविद्यालय रैंकिंग के लिए आवेदन के भी काबिल नहीं है। सभी सरकारी विद्यालयों व महाविद्यालयों की स्थिति जर्जर एवं दयनीय है। स्वास्थ्य व्यवस्था में थोड़ा सुधार हुआ है लेकिन स्थिति बहुत बढ़िया कहा नहीं जा सकता है। आज बिहार शिक्षा के मामले में सभी स्तरों पर फेल हो चुका है स्थिति काफी दयनीय है। स्वास्थ्य का उसी तरह खस्ताहाल है, आज बिहार के प्रत्येक जिला के लोग स्वास्थ्य के मामला में पटना की ओर ही मुंह ताकते नजर आते हैं। आज सभी जिला में आधुनिक अस्पताल की स्थापना हो गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होता। रोजगार के बारे में तो सोचना ही नहीं है।






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लेकिन जब भी बिहार में विधानसभा चुनाव आता है, कई ऐसे जनप्रतिनिधि जो दो 2 बार, 3 बार, 4 बार या 5 बार अपने-अपने विधानसभा से चुनकर विधायक बने हुए हैं, उसके बावजूद भी अपने विधानसभा में एक आदर्श विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, महाविद्यालय को व्यवस्थित नहीं कर पाए हैं और ना ही कोशिश किया। लेकिन वो लगातार विधानसभा चुनाव में बेशर्म होकर अपने-अपने पार्टियों से टिकट लेकर जनता के बीच वोट मांगने चले आते हैं। श्री वर्मा ने कहा कि एक बार पूरे बिहार वासियों को इमानदारी पूर्वक मन बनाना होगा। ऐसे जनप्रतिनिधियों को ही अपने क्षेत्र में जीतने दें, जो स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार के बुनियादी सुविधा की बात करने वाले या उन्होंने अपने विधानसभा में कुछ किया है। ऐसे जनप्रतिनिधियों को ही चुनाव में वोट मांगने व खड़ा होने का अधिकार है।


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