पटना सिटी (न्यूज सिटी)। राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन में देश के विभिन्न राज्यों में फंसे बिहार के प्रवासी मजदूर बिहार की ओर पलायन कर रहे है। बिहारी प्रवासियों को खाने-पीने की व्यवस्था में कमी होने से अपने घर विभिन्न माध्यमों से वापसी होने का सिलसिला लगातार जारी है। वही श्रमिकों के दिक्कत हुई तब श्रमिक अपने घर किसी तरीके से लौटने को मजबूर हो गए हैं। कई मजदूरों को ट्रक पर सवार है जिनके हाथों पर नोएडा से मोहर सरकार की तरफ से लगाया गया है।

ताजा मामला राजधानी पटना का है जहां ट्रकों में भरे श्रमिक पूरे परिवार के साथ नोएडा, महाराष्ट्र, कोलकाता, से आ रहे हैं। तस्वीर में देखा जा सकता हैं की राजधानी पटना के जीरो माइल के पास ट्रक में श्रमिक को ट्रक चालक ने पटना में उतार दिया। नोएडा से आए श्रमिक ललन रजक ने बताया कि दिल्ली में कुछ दिनों के लिए व्यवस्था ठीक से किया गया। उसके बाद काफी दिक्कत हुई, जिसके कारण घर लौटने को मजबूर है और हमें बिहार के बांका जिला जाना है। लेकिन ट्रक पटना में ही उतार दिया रास्ते में योगी सरकार की तरफ से खाने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन बिहार में कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
वही जमुई निवासी रंजीत कुमार ने भी अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि किसी तरीके से पटना तो पहुंच गए हैं, लेकिन जमुई जाना है, कैसे जाएंगे भगवान भगरोसे ही हैं।

हालांकि सबसे खास बात देखने को मिल रही है कि सुरेंद्र कुमार श्रमिक ₹2000 की साइकिल खरीद कर लुधियाना से 14 दिन के बाद पटना पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि लोहे के फैक्ट्री में काम करते थे। लॉक डॉउन के कारण फंसे हुए थे। लुधियाना में घर पर मां गुजर गई है, जिसके कारण झारखंड घर वापस लौटना है। मजबूरी है इसके लिए लौटने को मजबूर है सरकार की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जैसे-तैसे 14 दिनों में पटना पहुंचे हैं अभी झारखंड घर वापस लौटना है, रास्ते में भी कोई व्यवस्था नहीं मिली है। भूखे-प्यासे किसी तरीके से पटना तो पहुंच गए हैं।


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