पटना (न्यूज सिटी)। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता शारीफ अहमद रंगरेज ने एक बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुसलमानों के हितैषी नहीं थे और नहीं हैं। जिस तरह से बिहार में मुसलमानों को उन्होंने बेवकूफ बनाने का काम किया है, अपने 15 साल के कार्यकाल में वो जगजाहिर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में मुसलमानों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान और भुखमरी के कगार पर अगर बिहार में मुसलमान हुए हैं तो इसका जिम्मेदार नीतीश कुमार हैं। बिहार सरकार द्वारा गरीब स्तर पर जिंदगी की गुजर-बसर कर रहे मुसलमानों को न ही कोई रोजगार मिल सका और ना ही उनके लिए किसी तरह के कोई रोजगार की व्यवस्था की गई है। आज बिहार में 50% मुसलमान भुखमरी के कगार पर हैं, परन्तु उन्हें रोजगार करने के लिए अल्पसंख्यक विभाग द्वारा कोई ऋण राशि उपलब्ध सही तरीके से नहीं कराई गयी है।









वहीं अल्पसंख्यक विभाग द्वारा मुसलमानों को ऋण देने के प्रक्रिया विगत 15 साल में हवा-हवाई साबित हुई है। आज ग्रामीण इलाकों में मुसलमानों के चित्र बिल्कुल सही नहीं है ना ही उनके पास इतने पैसे हैं कि वो खुद का रोजगार करें। राज्य सरकार वैसे मुसलमानों को चिह्नित कर उन्हें रोजगार का अवसर मुहैया कराए।


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