नौबतपुर/अवनीश कुमार (न्यूज सिटी)। राज्य सरकार लॉक डाउन में आम अवाम को लेकर चिंतित है। गरीबों की मदद को कुछ हाथ भी उठ रहे है। लेकिन गरीबों का निवाला छिनने को बदनाम हो चुका खाद आपूर्ति विभाग अपने कारस्तानी से बाज नही आ रहे है। पहले तो सूबे के मुख्यमंत्री ने घोषणा किया कि जो डीलर खराब चावल वितरित करता है, उस पर प्राथमिकी दर्ज करें। लेकिन नौबतपुर में सरकार के सारे नियम कानून फेल है। खराब चावल को लेकर कई स्थानों पर हल्ला हंगामा तो हुआ। पर , अब गरीबों का निवाला भी कालाबाज़ारी के भेंट चढ़ जा रहा है।

गुरुवार की रात ऐसा ही एक मामला बड़ी टंगरैला पंचायत में देखने सुनने में आया। जब डीलर उदय पासवान को रात के अंधेरे में पीडीएस का चावल एक व्यापारी को बेचते रंगे हाथ पकड़ा। इस बात की सूचना जैसे ही पुलिस को दी तब तक चकमा देकर वह भाग निकला।हालांकि पुलिस ने बीस बोरा चावल सुदेश्वर साव के यहां से जब्त कर थाना लाया। वही जब इस बात की सूचना एमओ को लगी तो वह थाना में जाकर जांच करने के बजाय शुक्रवार को बड़ी टंगरैला पहुंच गये।जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस डीलर पर करवाई होनी चाहिए, उसे एमओ द्वारा बचाया जा रहा है।
वही दूसरी तरफ एमओ का कहना है कि बरामद माल डीलर का नही है।उसका स्टॉक पंजी चेक किया गया है तो ऐसे में सवाल यह उठता है कि बीस बोरा बरामद चावल किसका है? क्योंकि उसका क़्वालिटी पीडीएस से मिलने वाला चावल जैसा ही है।


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