पटना (न्यूज सिटी)। बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ निखिल आनंद ने कहा है कि प्रशांत किशोर को झूठ और प्रोपोगंडा फैलाने के लिए, "पीएचडी इन मार्केटिंग, प्रोपोगंडा ऐंड थेथरोलॉजी" की मानद उपाधि मिलनी चाहिए । जिस तरीके से भाजपा के शीर्षस्थ नेता और माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी पर ट्वीट कर टिप्पणी की और अब बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री श्री सुशील मोदी जी पर ट्वीट कर हमला किया हैं, उसके लिए कतई माफ़ी नहीं मिलेगी। अपनी ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर सवाल उठाने वाले बड़बोले प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को जेडीयू पार्टी ने बाहर निकाल कर अच्छा किया।

[embed]https://youtu.be/L9JSAVLohug[/embed]

 
निखिल आनंद ने कहा कि बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने सार्वजनिक तौर पर पहले भी एक- दो मर्तबा कहा था कि भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी से पूछकर अथवा उनके कहने पर प्रशांत को जेडीयू में शामिल किया गया। लेकिन राजनीतिक लोभ में प्रशांत किशोर ने तब उन्हें गलत क्यों नहीं कहा था ? लेकिन गजब है कि (प्रशांत) किशोर भाई अब अशांत होकर विक्टिम कार्ड खेलना चाह रहे हैं और नीतीश कुमार जी पर झूठा होने का आरोप लगा रहे हैं। प्रशांत किशोर और पवन वर्मा के पास दो आदमी भी नहीं है और ये दोनों बिना पेंदी के लोटा है। अब ये टुकड़े-टुकड़े गैंग और उनके समर्थकों के पक्ष में दुकान सजाने और बाजार बनाने के लिए स्वतंत्र है।
Share To:

NewsCity.co.in

Post A Comment:

0 comments so far,add yours