पटना सिटी (न्यूज़ सिटी)। जल्ला क्षेत्र में चुकन्दर की फसल के नुकसान होने से सैकड़ो किसानो में मायूसी छा गया था। किसानो का कहना है की इस बार लॉक डाउन के वजह से सैकड़ो बीघा में लगे चुकुनदर का फसल नुकसान हो गया। जिसके बाद किसानो ने इसकी सुचना कृषि विभाग को दिया। जिसके बाद अधिकारी मौके पर निरिक्षण के लिए पहुंचे। परंतु इसके बाबजूद भी किसानो में संतुष्टि नहीं मिली। फिर इसके बाद कुछ किसानो ने इसकी जानकारी कृषि मंत्री की दी।

जिसके बाद बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार के निर्देश पर कृषि विभाग में सहायक निदेशक उद्यान अजीत कुमार यादव ने चुकुन्दर के खेतों का मुआयना किया एवं पीड़ित किसानों से बातचीत की राजधानी जिला के फतुहा एवं पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र के 30 गांवों में चुकुन्दर जैसी नकदी फसल की खेती करने वाले किसानो ने उप निदेशक को जानकारी दी। लाकडाउन के कारण मद्रास,बैंगलोर, तमिलनाडु,महाराष्ट्र, गुजरात,बंगाल जैसे अन्य शहरों से व्यापारी न आने के कारण जो नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार इसका भी मूल्य निर्धारित किया जाए।
भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्छ संजीव कुमार यादव ने बताया कि किसानों के ग्यापन के बाद सरकार ने तुरंत पहल की, ताकि किसानों को मुआवजा दिया जा सके। उन्होंने बताया कि यहां के लगभग 450 बीघा में चुकन्दर की खेती होती है।

यहां का चुकन्दर उत्तम क्वालिटी का होने से विभिन्न प्रदेशों के बड़े होटल, औधोगिक संस्थान और चीनी, सॉस, जेम, लिपिस्टिक एवं अन्य सामग्री बनाने में इसकी खपत होती है। लंबी लाकडाउन के अवधि कारण चुकन्दर बिक नहीं पाया और इनके खेतों में ही सड़ने की नौबत आ गई।
उप निदेशक ने किसानों की समस्याएँ सुनने के बाद कहा कि पुनः शिविर लगाकर समस्त विभागीय मानक के अनुसार किसानों के मुआवजे की राशि तय की जाएगी। इस भौतिक आकलन के समय कृषि समन्वयक शशिभूषण प्रसाद, किसान मोर्चा जल्ला मंडल अध्यक्ष सह प्रदेश सम्मानित किसान सीताराम मेहता, शंकर मेहता, कपिल यादव, अजय मेहता, संतोष कुमार सिंह, सुजीत मेहता, मनीष यादव, मनोरंजन कुशवाहा सहित 50 से ज्यादा किसान उपस्थित हुए।


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